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अतिक्रमणकारियों के लिए स्वर्ग बना अमरपाटन

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संवाददाता योगेंद्र मिश्रा दैनिक जबलपुर दर्पण

सतना। सूत्रों से मिली जानकारी अमरपाटन अतिक्रमण कारियों के लिए स्वर्ग बना हुआ है शासकीय जमीन पर चाहे जहां घर वना लो किन्तु प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है इसी के चलते अतिक्रमण कारियों के हौसले बुलंदी पर है कुछ वर्ष पूर्व अमरपाटन मे अतिक्रमण अभियान चलाया गया उस समय अमरपाटन मे पूर्व एस डी एम विनय कुमार जैन थे पटवारी भवन की जमीन पर एक असरदार व्यक्ति के द्वारा उक्त भूमि पर कब्जा कर अपना हाता वनाए हुए हैं जबकि पूर्व मे पदस्थ तहसीलदार व हल्का अमरपाटन पटवारी के द्वारा अमरपाटन के पूर्व एस डी एम विनय कुमार जैन से कहा भी कि यह हाता भी अतिक्रमण मे आता है किन्तु एस डी एम के द्वारा उस हाता को अतिक्रमण से नही गिराया गया जिसके चलते विवाद की स्थति पैदा हो गई और नौबत यह आई की मारपीट भी हो गई वही दुसरी तरफ कुछ समय पसचात जब दोवारा अतिक्रमण चला तो पूर्व एस डी एम रिषभ गुप्ता के द्वारा शीतल जैन दिनेश चौरसिया और पप्पू जैन का हाता भी उसको जे सी वी से तुड़वा दिए किन्तु रिषभ गुप्ता के जाते ही पुनः उसी स्थान पर पटवारी भवन की जमीन पर पुनः दुकान वनाकर लाखो रूपये कि पगडी देकर किराए पर दुकान उठा दिए किन्तु प्रशासनिक अधिकारी कोई धयान नही दिए इसी प्रकार अमरपाटन के मुख्य नाले पर दो मंजिला भवन वन गया किन्तु प्रशासनिक अधिकारी मुख्य नाला का अतिक्रमण नही हटा सके इसी प्रकार से सुभाष काम्पलैक्स की जमीन पर असरदार के द्वारा मकान वनाकर व दुकान रखकर कब्जा धारी वने है जबकि कई वार तहसीलदार अमरपाटन के द्वारा नोटिस भी काटी गई किन्तु नोटिस काटकर राजस्व विभाग मौन रह गया इसी प्रकार से अमरपाटन मे शासकीय जमीन पर दबंग असरदार वयकति के द्वारा नेता के नाम से अतिक्रमण करते चले जा रहे है नेता कहे या न कहे किन्तु नेताओ का नाम लेकर अतिक्रमण अभियान जारी है चाहे गांधी चौक हो या गढी हो किन्तु मात्र नोटिस तो काट दी जाती है किन्तु कोई कार्य वाही नही होती है लेकिन अमरपाटन का अतिक्रमण अभियान टाय टाय फिस्स हो जाता है अतिक्रमण कारियों के चंगुल से मुक्त होने के लिए शासकीय जमीन छटपटा रही है किन्तु चाहे नगर पंचायत हो या राजस्व विभाग हो इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जैसे गढी मै जो अतिक्रमण है उस अतिक्रमण को नगर पंचायत के द्वारा खुद वढावा दिए है अतिक्रमण कारियों को विना टेडर के रोड वनवाई गई तथा सभी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई गई अगर यह कहा जाए की नगर पंचायत के सह से व हल्का अमरपाटन पटवारी के सह से अतिक्रमण कारी को वढावा दिया जा रहा है तो इसमे कोई अतिशयोक्ति नहीं है लाखो रूपये का हाकर कार्नर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है और अतिक्रमण कारी अतिक्रमण करते जा रहे हैं संवाददाता योगेंद्र मिश्रा अमरपाटन जिला सतना मध्यप्रदेश दैनिक जबलपुर दर्पणसे मिली जानकारी अमरपाटन अतिक्रमण कारियों के लिए स्वर्ग वना हुआ है शासकीय जमीन पर चाहे जहां घर वना लो किन्तु प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है इसी के चलते अतिक्रमण कारियों के हौसले बुलंदी पर है कुछ वर्ष पूर्व अमरपाटन मे अतिक्रमण अभियान चलाया गया उस समय अमरपाटन मे पूर्व एस डी एम विनय कुमार जैन थे पटवारी भवन की जमीन पर एक असरदार वयकति के द्वारा उक्त भूमि पर कब्जा कर अपना हाता वनाए हुए हैं जबकि पूर्व मे पदस्थ तहसीलदार व हल्का अमरपाटन पटवारी के द्वारा अमरपाटन के पूर्व एस डी एम विनय कुमार जैन से कहा भी कि यह हाता भी अतिक्रमण मे आता है किन्तु एस डी एम के द्वारा उस हाता को अतिक्रमण से नही गिराया गया जिसके चलते विवाद की स्थति पैदा हो गई और नौबत यह आई की मारपीट भी हो गई वही दुसरी तरफ कुछ समय पसचात जब दोवारा अतिक्रमण चला तो पूर्व एस डी एम रिषभ गुप्ता के द्वारा शीतल जैन दिनेश चौरसिया और पप्पू जैन का हाता भी उसको जे सी वी से तुड़वा दिए किन्तु रिषभ गुप्ता के जाते ही पुनः उसी स्थान पर पटवारी भवन की जमीन पर पुनः दुकान वनाकर लाखो रूपये कि पगडी देकर किराए पर दुकान उठा दिए किन्तु प्रशासनिक अधिकारी कोई धयान नही दिए इसी प्रकार अमरपाटन के मुख्य नाले पर दो मंजिला भवन वन गया किन्तु प्रशासनिक अधिकारी मुख्य नाला का अतिक्रमण नही हटा सके इसी प्रकार से सुभाष काम्पलैक्स की जमीन पर असरदार के द्वारा मकान वनाकर व दुकान रखकर कब्जा धारी वने है जबकि कई वार तहसीलदार अमरपाटन के द्वारा नोटिस भी काटी गई किन्तु नोटिस काटकर राजस्व विभाग मौन रह गया इसी प्रकार से अमरपाटन मे शासकीय जमीन पर दबंग असरदार वयकति के द्वारा नेता के नाम से अतिक्रमण करते चले जा रहे है नेता कहे या न कहे किन्तु नेताओ का नाम लेकर अतिक्रमण अभियान जारी है चाहे गांधी चौक हो या गढी हो किन्तु मात्र नोटिस तो काट दी जाती है किन्तु कोई कार्य वाही नही होती है लेकिन अमरपाटन का अतिक्रमण अभियान टाय टाय फिस्स हो जाता है अतिक्रमण कारियों के चंगुल से मुक्त होने के लिए शासकीय जमीन छटपटा रही है किन्तु चाहे नगर पंचायत हो या राजस्व विभाग हो इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जैसे गढी मै जो अतिक्रमण है उस अतिक्रमण को नगर पंचायत के द्वारा खुद वढावा दिए है अतिक्रमण कारियों को विना टेडर के रोड वनवाई गई तथा सभी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई गई अगर यह कहा जाए की नगर पंचायत के सह से व हल्का अमरपाटन पटवारी के सह से अतिक्रमण कारी को वढावा दिया जा रहा है तो इसमे कोई अतिशयोक्ति नहीं है लाखो रूपये का हाकर कार्नर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है और अतिक्रमण कारी अतिक्रमण करते जा रहे हैं संवाददाता योगेंद्र मिश्रा अमरपाटन जिला सतना मध्यप्रदेश दैनिक जबलपुर दर्पणखबर अमरपाटन से से मिली जानकारी अमरपाटन अतिक्रमण कारियों के लिए स्वर्ग वना हुआ है शासकीय जमीन पर चाहे जहां घर वना लो किन्तु प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है इसी के चलते अतिक्रमण कारियों के हौसले बुलंदी पर है कुछ वर्ष पूर्व अमरपाटन मे अतिक्रमण अभियान चलाया गया उस समय अमरपाटन मे पूर्व एस डी एम विनय कुमार जैन थे पटवारी भवन की जमीन पर एक असरदार वयकति के द्वारा उक्त भूमि पर कब्जा कर अपना हाता वनाए हुए हैं जबकि पूर्व मे पदस्थ तहसीलदार व हल्का अमरपाटन पटवारी के द्वारा अमरपाटन के पूर्व एस डी एम विनय कुमार जैन से कहा भी कि यह हाता भी अतिक्रमण मे आता है किन्तु एस डी एम के द्वारा उस हाता को अतिक्रमण से नही गिराया गया जिसके चलते विवाद की स्थति पैदा हो गई और नौबत यह आई की मारपीट भी हो गई वही दुसरी तरफ कुछ समय पसचात जब दोवारा अतिक्रमण चला तो पूर्व एस डी एम रिषभ गुप्ता के द्वारा शीतल जैन दिनेश चौरसिया और पप्पू जैन का हाता भी उसको जे सी वी से तुड़वा दिए किन्तु रिषभ गुप्ता के जाते ही पुनः उसी स्थान पर पटवारी भवन की जमीन पर पुनः दुकान वनाकर लाखो रूपये कि पगडी देकर किराए पर दुकान उठा दिए किन्तु प्रशासनिक अधिकारी कोई धयान नही दिए इसी प्रकार अमरपाटन के मुख्य नाले पर दो मंजिला भवन वन गया किन्तु प्रशासनिक अधिकारी मुख्य नाला का अतिक्रमण नही हटा सके इसी प्रकार से सुभाष काम्पलैक्स की जमीन पर असरदार के द्वारा मकान वनाकर व दुकान रखकर कब्जा धारी वने है जबकि कई वार तहसीलदार अमरपाटन के द्वारा नोटिस भी काटी गई किन्तु नोटिस काटकर राजस्व विभाग मौन रह गया इसी प्रकार से अमरपाटन मे शासकीय जमीन पर दबंग असरदार वयकति के द्वारा नेता के नाम से अतिक्रमण करते चले जा रहे है नेता कहे या न कहे किन्तु नेताओ का नाम लेकर अतिक्रमण अभियान जारी है चाहे गांधी चौक हो या गढी हो किन्तु मात्र नोटिस तो काट दी जाती है किन्तु कोई कार्य वाही नही होती है लेकिन अमरपाटन का अतिक्रमण अभियान टाय टाय फिस्स हो जाता है अतिक्रमण कारियों के चंगुल से मुक्त होने के लिए शासकीय जमीन छटपटा रही है किन्तु चाहे नगर पंचायत हो या राजस्व विभाग हो इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जैसे गढी मै जो अतिक्रमण है उस अतिक्रमण को नगर पंचायत के द्वारा खुद वढावा दिए है अतिक्रमण कारियों को विना टेडर के रोड वनवाई गई तथा सभी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई गई अगर यह कहा जाए की नगर पंचायत के सह से व हल्का अमरपाटन पटवारी के सह से अतिक्रमण कारी को वढावा दिया जा रहा है तो इसमे कोई अतिशयोक्ति नहीं है लाखो रूपये का हाकर कार्नर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है और अतिक्रमण कारी अतिक्रमण करते जा रहे हैं।

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