Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.

एक्सिडेंटल डेथ में मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर

0 21

प्रदेश में इंदौर , भोपाल , जबलपुर टॉप 3 पर

जबलपुर शहरों में अव्यवस्थित यातायात , नियमो की अवहेलना ,पुलिस की लापरवाही के फलस्वरूप प्रदेश में प्रतिदिन सैकड़ों सड़क दुर्घटनाऐं हो रही हैं उक्ताशय का आरोप लगाते हुए नागरिक उपभोक्ता मंच के सदस्यों ने प्रमुख सचिव गृह विभाग तथा मध्यप्रदेश पुलिस के नाम पत्र लिखकर यातायात नियमों का पालन सख्ती से करवाने की मांग की है और माननीय उच्चतम न्यायालय एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के पालन सुनिश्चित करने की भी मांग की । प्रतिवर्ष सड़क सुरक्षा सप्ताह तथा विभिन्न जागरूकता अभियानों में वर्ष 2018 – 2019 में पुलिस विभाग द्वारा 11,45,38,134 /- खर्च कर दिए गए परंतु दुर्घटनाओं में बहुत मामूली अंतर देखने मे आया ।

प्रदेश में 42431 दुर्घटना मृत्यु ।

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के प्रांतीय संयोजक मनीष शर्मा ने बताया की नेशनल क्राइम ब्यूरो की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में मध्यप्रदेश में कुल 42431 दुर्घटनाओं में मृत्यु दर्ज हुई है , औसतन प्रतिदिन 116 व्यक्ति काल कलबित हुए । वर्ष 2018 की तुलना में 2019 में एक प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई वही एक्सीडेंट में मृत्यु का प्रतिशत 51.4 रहा । प्रदेश में टॉप 10 दुर्घटना वाले शहर इंदौर , भोपाल , जबलपुर , ग्वालियर , धार , उज्जैन , सागर , रीवा , सतना तथा छिंदवाड़ा ।

इंदौर नम्बर वन तथा जबलपुर तीसरे स्थान पर

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के प्रांतीय संयोजक मनीष शर्मा ने बताया की प्रांतीय आंकड़ों के अनुसार इंदौर में 1142 मृत्यु , भोपाल में 740 मृत्यु , जबलपुर में 488 मृत्यु तथा ग्वालियर में 314 मृत्यु दर्ज की गईं । आंकड़ों के अनुसार इंदौर नम्बर वन पर , भोपाल नम्बर दो जबलपुर नम्बर तीन स्थान पर है , इंदौर तथा ग्वालियर में मृत्यु के प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई वही भोपाल तथा जबलपुर में स्थिर रहे ।

न्यायालय के आदेश की हुई अवमानना

उपभोक्ता मंच के राकेश चक्रवर्ती , विनोद पांडे , प्रफुल सक्सेना , आश्रिता पाठक , अभय बानगात्री , पंकज सोनी , पवन कौरव , सज्जाद अली , इमरान खान तथा शिवकुमार शर्मा आदि सदस्यों ने राज्य सरकार तथा यातायात पुलिस पर माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना का आरोप लगाते हुए बताया कि मंच के प्रांतीय संयोजक श्री मनीष शर्मा द्वारा वर्ष 2014 में नाबालिग वाहन चालकों पर प्रतिबंध लगाने तथा वर्ष 2016 में मध्यप्रदेश प्रदेश रोड सेफ्टी एक्ट का पालन करने ताकि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने याचिकाएं दायर की थी । जिसपर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा वृष्टित आदेश जारी किए गए थे परन्तु वर्ष 2019 में 42431 एक्सीडेंट डेथ जिसमे 6216 नाबालिगों की मृत्यु स्पष्ठ करती है कि कोर्ट के आदेशों का पालन नही किया गया परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश एक्सीडेंट डेथ के मामले में दूसरे स्थान पर पहुच गया है मंच के सदस्यों ने माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करने की मांग जाहिर की ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.