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कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम पत्रकारों ने सौंपा ज्ञापन

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50 लाख के बीमा की मांग, पत्रकार पर हमले की हो जॉच

मण्डला।
शुक्रवार को मप्र श्रमजीवी पत्रकार परिषद जिला ईकाई मण्डला के पदाधिकारी व सदस्यों ने कलेक्टर मण्डला को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा हैं। मांग है कि पत्रकारों को कोरोना योद्धा की संज्ञा देते हुए 50 लाख तक का बीमा किया जाए और उन्हें अच्छी क्वालिटी के मास्क व सेनेटाईजर उपलब्ध कराई जाए। संभागीय महासचिव नीरज अग्रवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश के केविनेट मंत्री की शपथ लेने के पहले आपसे अनुरोध किया था कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाए, उन्होंने आपसे निवेदन किया था कि प्रदेश के उन पत्रकारों का भी बीमा कराया जाए जो कोरोना महामारी की रिपोर्टिंग मे लगातार लगे हुए है। परिषद का मानना है कि पूरी दुनिया में खौफ  का प्रतीक बन चुके कोरोना वॉयरस कोविड-19 का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बहुत सारे लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान भी गंवा चुके हैं जबकि इसके पीडि़तों की संख्या में भी रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए तमाम एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं। संकट के इस दौर में भी डॉक्टर, पुलिसकर्मी, और मीडियाकर्मी अपनी जान की परवाह न करते हुए तमाम जोखिमों के बीच मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। मीडिया कर्मी वह योद्धा हैं, जो अपनी जान को जोखिम में डाल कर जनता तक सही जानकारी पहुंचा रहे हैं व सरकार और जनता के बीच सेतु का काम कर रहे है। उनका 50 लाख रुपए का बीमा कराया जाए। श्रमजीवी पत्रकार परिषद मध्यप्रदेश का मानना है कि डॉक्टर पुलिस और आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को सरकार की ओर से तमाम सुविधाएं और जरूरी उपकरण मुहैया कराए गए हैं। मगर पत्रकारों की अनदेखी की जा रही है। पत्रकारों के पास न तो सेनेटाइजर है न ही अच्छी क्वालिटी के मास्क। सरकार की बात लोगों तक पहुंचाने का एकमात्र माध्यम पत्रकार और समाचार पत्र एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ही है। ऐसे में सरकार द्वारा लघु समाचार पत्रों के लंबे समय से लंबित विज्ञापन भुगतान, श्रद्धा निधि का भुगतान तत्काल किए जाने, गंभीर रूप से बीमार पत्रकारों के आर्थिक सहायता प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने सहित समाचार पत्र-पत्रिकाओं को विज्ञापन रूपी सहयोग दिए जाने के निर्देश जनसंपर्क संचालनालय को दिए जाएं ताकि इस संकट के दौर में पत्रकारों को राहत मिल सके।
पत्रकार पर किये गए हमले की हो जॉच
पत्रकारो ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए पत्रकार पर हुए हमले की निष्पक्ष जॉच किये जाने मांग के साथ पत्रकारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने मांग की है। देश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ  अर्णव गोस्वामी बुधवार देर रात जब अपनी पत्नी सहित कार से घर लौट रहे थे उस दौरान मोटरसाईकिल में सवार दो युवकों द्वारा उन पर हमला किये जाने की खबर से हम पत्रकारों को अघात पंहुचा है। यह किसी एक पत्रकार पर हमला नहीं है अपितु सम्पूर्ण पत्रकार जगत पर हमला है, पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। जब पूरा विश्व कोरोना संकट से जूझ रहा है उस दौर में भी पत्रकार अपनी परवाह न करते हुए कर्तव्य पथ पर कोरोना वारियर्स के साथ कंधे से कन्धा मिला कर मजबूती के साथ पूरे देश मे खड़े हुए हैं। अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुऐ फील्ड में काम करने वाले मुंबई के 53 रिपोर्टर और केमरामेन कोरोना संक्रमित हो गए, अन्य राज्यों और शहरो में भी पत्रकार कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच निडरता से कार्य कर रहे हैं, ऐसे समय भी पत्रकार के ऊपर हमला किया जाना अत्यंत निंदनीय है। हम जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी सहित सभी सदस्य अर्णव गोस्वामी पर हुए हमले की भ्रत्सना करते हैं और इस ज्ञापन के माध्यम से आपसे आग्रह करते हैं कि उक्त मामले के आरोपियों पर त्वरित कड़ी कार्यवाही की जाये साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों को पत्रकारों के लिए सुरक्षित वातावरण निर्मित किये जाने के उपाय करने निर्देशित करें ।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान गणेश बैरागी, प्रकाश जायसवाल, नीरज अग्रवाल, स्माईल खान, रत्नेश दुबे, पुहुप सिंह भारत, मनीष तिवारी, सावन सिंह ठाकुर, विनय साण्डिल, विजय साहू, अनवर खान, सुदीप श्रीवास्तव, विवेक अग्रिहोत्री, संतोष तिवारी, आनंद सोनी, शांशक चौबे, दीपक रजक, लखन भाण्डे, अनमोल अग्रवाल, एसके तिवारी, राजेन्द्र बंजारा, धन्नी परस्ते सहित अनेक पत्रकार उपस्थित थे।

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