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किसानों की उपज के मूल्य के लिए भारतीय किसान संघ ने बुलंद की आवाज।

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16 साल किसानों का 26हजार क्विंटल अनाज का ₹24 करोड़ रुपए रोक कर बैठी है सरकार।



जबलपुर-एक बार खरीद केंद्र पर फसल ले जाकर बाकायदा सर्वेयर से माल चेक करा कर, सर्वेयर द्वारा पास किए जाने के बाद ही किसान सरकार को माल बेंच पाता है। उन्हें पर्ची दी जाती है जो समय पर पैसा मिल जाए इस बात का आश्वासन उन्हें देती है। लेकिन विगत कुछ समय से प्रशासन का चाल चरित्र और चेहरा किसानों के मन में संदेह पैदा करता है। उन्हें मानसिक ताड़ना देता है साथ ही आर्थिक रूप से किसान की कमर तोड़ कर रख देता है।
बात हो रही है माल खरीदने के बाद उसके पैसे देने में सरकारी व्यवस्था द्वारा की जा रही आनाकानी के विषय में। भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत की जिला इकाई द्वारा आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में पहुंचकर कलेक्टर महोदय के समक्ष अपनी 10 सूत्री मांगे रखी गईं। उन्हें शीघ्र पूरा करने के विषय में जिला प्रशासन से बात की गई। जबलपुर जिला प्रशासन ने इस वर्ष खरीद केंद्र बढ़ाकर किसानों को राहत प्रदान की। खरीद केंद्रों पर प्रशासन की पूरी नजर रही ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके। इसके बावजूद भ्रष्टाचारी अपने कारनामों से नई इबारत है लिखने में लगे रहे। उनके इस कारनामों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है मेहनत कश के तहत किसानों को। जिन किसानों ने अपना माल बेचकर पात्रता पर्ची प्राप्त की थी उन्हें बाद में यह पता चला कि उनका माल रिजेक्ट कर दिया गया है अमानक घोषित कर दिया गया है। जिसके चलते उनके खाते में पैसा नहीं आया, जिनके खाते में आ भी गया तो खातों पर होल्ड लगा दिया। जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए पैसा लेकर खेती का कार्य किया था वह भी अपनी किस्मत को कोस रहे हैं।
भारतीय किसान संघ ने प्रमुख रूप से जो बातें कहीं हैं उनमें धान और गेहूं के जो खाते रोक कर रखे गए हैं ऐसे किसानों का जल्द भुगतान कराया जाए। चना मसूर सरसों का भुगतान शीघ्र कराया जाए। उड़द मूंग का पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाए। कृषि विभाग द्वारा मक्के के बीज की व्यवस्था की जाए। साथ ही नकली खाद और बीज जो जबलपुर के बाजारों में खुले आम बिक रहा है। उस पर शिकंजा कसा जाए। नहर विभाग द्वारा नहर के दोनों तरफ धान की रोपाई के लिए पानी छोड़ा जाए। किसानों को 10 घंटे बिजली दी जाए ताकि वे अपनी धान की रोपाई कर सकें। सभी पंचायतों में मनरेगा के कार्य चल रहे हैं जिसके चलते कृषि कार्य के लिए मजदूर नहीं मिल पा रहे। मनरेगा कार्य को स्थगित किया जाए।सभी तहसीलों में टीड्डी दल का प्रकोप बना हुआ है। सरकार से मांग है कि टिड्डी दल से होने वाले नुकसान की भरपाई बीमा कंपनियों में शासन द्वारा कराई जाए। जबलपुर को मक्के का उत्पादक जिला घोषित करते हुए आने वाले समय में जबलपुर जिले में मक्के की खरीद के केंद्र खोले जाएं और समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदा जाए। पंचायतों द्वारा कोरोना कार्य के चलते ग्रामों में कीटनाशक का छिड़काव कराने के निर्देश दिए जाएं। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए। मांगों को लेकर प्रशासन के सामने उपस्थित हुए किसान एक बार फिर प्रशासन से आश्वासन लेकर चले गए। कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रमुख रूप से ओम नारायण चौधरी प्रदेश कोषाध्यक्ष, विजय गोंटिया प्रांत अध्यक्ष, राघवेंद्र पटेल प्रांत प्रचार प्रमुख, मोहन तिवारी जिलाध्यक्ष, प्रहलाद पटेल प्रांत मंत्री, सुनील पटेल जिला अध्यक्ष, रामकृष्ण सोनी पाटन तहसील अध्यक्ष, सुरेश पटेल सिहोरा तहसील अध्यक्ष, धनंजय पटेल शाहपुरा तहसील अध्यक्ष, नरेश पटेल, मनीष पटेल और जिला मंत्री रामदास पटेल के साथ भारी संख्या में किसान मौजूद रहे। धान की रुकी हुई पैसों को लेकर कलेक्टर भरत यादव ने आश्वासन दिया कि माल की नीलामी की व्यवस्था कराई जा रही है नीलामी से आने वाले पैसे किसानों को दिए जाएंगे।

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