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गीतकार योगेश नहीं रहे…

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शामी एम् इरफ़ान की रिपोर्ट मुम्बई।

बाॅलीवुड के प्रसिद्ध गीतकार योगेश गौड़ को आमतौर पर योगेश के रूप में श्रेय दिया जाता है। उनका आज 29 मई 2020 को मुम्बई में स्वर्गवास हो गया। उनका बेटा ऑस्ट्रेलिया में है और बहू मायके में। वह काफी समय से बीमार थे और लाॅकडाउन के दौरान अकेले गोरेगांव पश्चिम स्थित मधुबन बिल्डिंग के फ्लैट में रह रहे थे। उनका जन्म 19 मार्च, 1943 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ था।
फिल्मों के मशहूर संवादकार बृजेन्द्र गौड़ उनके कजिन ब्रदर थे और काफी नाम शोहरत हासिल कर चुके थे। वह उनसे बहुत बड़ी आस लगाये यहाँ आये थे और जब फुफेरे भाई से कोई मदद नहीं मिली तो, उन्होंने अपने दम पर कठिन संघर्ष करके अपना मुकाम बनाया।
उन्होंने बॉलीवुड के लिए गीत लिखेहैं। आनंद’, ‘मिली’, ‘रजनीगंधा’, ‘छोटी सी बात,’ ‘एक रात’ ‘रंग-बिरंगी’ ‘बातों बातों में’, ‘प्रियतमा’, ‘दिल्लगी’, ‘शौक़ीन’, ‘मंज़िल’, ‘पारसमणि’, ‘शिकारी’ आदि उल्लेखनीय फिल्में हैं। जिनके गाने आज भी संगीत प्रेमी बड़े चाव से सुनते हैं।
योगेश के दो गीत फ़िल्म ‘आनंद’ में ‘कहीं दूर जब दिन ढल जाए’ और ‘ज़िंदगी कैसी है पहेली हाय’ और ‘रजनीगंधा’ में उनका लिखा गीत- रजनीगंधा फूल तुम्हा्रा महके यूं ही जीवन में/ यूं ही महके प्रीत पिया की मेरे अनुरागी मन में। योगेश को पहचान दिलाने में बहुत कारगर रहे।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। (वनअप रिलेशंस)
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