Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.

चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही पुलिस।

0 12

विषम आर्थिक परिस्थितियों में पहुंच गया है परिवार।

जबलपुर। बार-बार शिकायत करने पर भी सदर कैंट थाने की पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर ना तो ध्यान दिया और ना ही उस अपराध में रिपोर्ट दर्ज की जो उसके साथ घटित हुआ। फरियादी अजीत थारवानी की माने तो सदर स्थित सेंट अलाएसिएस कॉलेज के गेट के सामने आज से उनकी ट्रिपल सेवन स्टार नाम की बेकरी की दुकान थी। दुकान अच्छी खासी चलती थी उसमें करीब 15 लाख का फर्नीचर भरा हुआ था। दुकान के पीछे रहने वाले मनिराज पिल्ले और उनके परिवार जनों ने एक दिन उनकी दुकान में घुसकर दुकान के काउंटर से पेपर और कुछ पैसे ले गए। जिसकी शिकायत उन्होंने उस समय केंट थाने में की। लेकिन इसके बाद एक दिन रात अंधेरे में आरोपियों ने उनकी दुकान का ताला तोड़कर उस पर अपना ताला लगा दिया। इसके बाद अजित थारवानी को कभी दुकान में घुसने नहीं दिया गया और उनका रोजगार भी छिन गया। दुकान में रखा करीब 15 लाख का सामान भी गायब कर दिया गया। इस प्रकरण के बाबत चोरी की रिपोर्ट लिखाने के लिए अजय थारवानी और उनका परिवार पुलिस थाने से लेकर एसपी ऑफिस, कलेक्ट्रेट और आईजी ऑफिस तक गुहार लगा चुका है। मगर जिम्मेदारों के कानों पर जूं नहीं रेंगती वह शायद कान में तेल डालकर बैठे हैं।
अजीत थारवानी का परिवार विषम आर्थिक परिस्थितियों से गुजर रहा है। उनकी रोजी-रोटी का सहारा एक मात्र यही दुकान थी। जिसे पुलिस की आंखों के सामने छीन लिया गया और दुकान का सामान भी उनके हाथ नहीं लगा। बड़ा सवाल यह है कि कैंट थाने की पुलिस का ऐसी कौन सी मजबूरी है कि वह फरियादी की कोई भी मदद नहीं कर पा रही है। इस विषय में कैंट थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी से जब बात की गई। तो उनका कहना था कि मामला प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ है इसलिए उन्होंने वह मामला एसडीएम को सौंप दिया है। लेकिन चोरी के अपराध में कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया। दूसरी तरफ उस दुकान की वस्तुतः स्थिति बदल गई है जहां कभी सेवन ट्रिपल स्टार बेकरी हुआ करती थी आज वहां राजधानी मेहंदी की दुकान का बोर्ड लग गया है। इस व्यथा को आज पुलिस के आला अधिकारी आई जी साहब के ऑफिस में दिया गया। इस उम्मीद के साथ कि उन्हें न्याय मिलेगा उन्हें उनका रोजगार वापस मिलेगा। सामान वापस मिलेगा इस संबंध में अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन फिलहाल गठित अजीत थारवानी अपनी समस्या के समाधान के इंतजार में बैठे हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.