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जज और सीआईडी का डर दिखाकर की जालसाजी।

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शहर के एक बड़े नेता का नाम उजागर।

जबलपुर। अक्सर जालसाज और ठग, लोगों के साथ धोखाधड़ी और ठगी करने के लिए, नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। अपने इन तरीकों से, कानून के सामने चुनौतियां पेश करते रहते हैं।
अगर समय रहते इन ठगों पर कार्यवाही की जाए। तो इनकी कारगुजारी पर लगाम लगाना संभव होगा।
और आने वाले समय में, इनसे पीड़ित होने वाले दूसरे लोगों की भी हितों की रक्षा की जा सकेगी।
विडंबना ये है कि थाना स्तर पर शिकायत करने के बाद भी, पीड़ित को कोई उम्मीद की किरण नजर नहीं आई।
थक हार कर न्याय की आस लगाए पुलिस अधीक्षक जबलपुर के कार्यालय में पहुंचे। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष राहुल साहू और उनकी टीम भी पहुंची।
शिकायतकर्ता संतोष सेन, जो संजीवनी नगर थाना अंतर्गत स्थित श्याम नगर निवासी है, ने बताया कि धनवंतरी नगर निवासी नीरज शुक्ला के घर उसकी पत्नी खवासन का काम करती थी। जिसके चलते उसका परिचय नीरज शुक्ला से हुआ। नीरज शुक्ला ने उसे झांसा दिया कि वह एक बड़ा नेता है और उसकी जान पहचान बड़े अधिकारियों से है। वह उन्हें सरकारी योजना के तहत प्लाट दिला देगा। संतोष से नीरज शुक्ला के झांसे में आ गए। नीरज शुक्ला के कहने पर ही अपने अन्य रिश्तेदारों और परिचितों को लेकर उनके पास गए। जब वे प्लाट के चक्कर में उसके पास पहुंचे तो उसने बताया कि प्लाट मुफ्त में नहीं मिलेंगे। बल्कि आपको सभी को ₹15-15 हजार जमा करना पड़ेगा। उसने कुल 34 लोगों से पंद्रह ₹15000 की मांग की। किसी ने 8000, किसी ने 10,000, तो किसी ने ₹12000 जमा किए।
नीरज शुक्ला ने बड़े अधिकारी का नंबर देकर उन सभी को पर्चियां भी दी।
किंतु बाद में संतोष सेन को प्लाट देने की बजाय यह कहकर डरा दिया कि तुमने एक ही प्लाट के लिए चार लोगों की पर्ची दी है। और एक बड़ा कांड हो गया है। इसके चलते पुलिस केस बन गया है। मुझे भी अपनी जमानत करवानी पड़ेगी और तुम्हें भी अपनी जमानत करवानी पड़ेगी। इसलिए जमानत के लिए पैसा दे दो। जमानत करवाने के चक्कर में सिमरिया ग्राम में संतोष सेन को 1 एकड़ जमीन जगदेव पटेल को बेचनी पड़ी। जगदेव पटेल से जो भी जमीन के पैसे मिले वह उसने नीरज शुक्ला को दे दिए। नीरज शुक्ला जमानत के नाम पर ₹700000 उसे ले चुका है। इसके बाद दो अलग-अलग नंबरों से संतोष सेन को धमकियां दी जा रही हैं। कभी किसी जज के आदमी के नाम से धमकियां दी जाती है तो कभी किसी सीआईडी अधिकारी के नाम से धमकियां दी जाती हैं।
एक दिन उनके लड़के ने उन नंबरों की पड़ताल की तो पता चला कि वह उनकी बेटी के नंबर हैं। संतोष सेन को ये भी पता चला कि ना तो कोई केस दर्ज हुआ है ना ही कोई जमानत ली गई है।
तब उन्हें अपने साथ हुए धोखे का एहसास हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत थाना स्तर की। कोई कार्यवाही ना होने की स्थिति में पुलिस अधीक्षक महोदय के सामने न्याय की गुहार लगाई है।
संतोष सेन के लिए न्याय की आवाज उठाने वाले बीजेपी मंडल के अध्यक्ष राहुल साहू ने बताया कि जब यह उनके पास शिकायत लेकर आए तो उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि लोग नेतागिरी के नाम पर कितनी बड़ी धोखाधड़ी गरीबों के साथ करते हैं। राहुल साहू अपनी टीम के साथ पुलिस अधीक्षक से मिले और उचित कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक महोदय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस विषय में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

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