Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.

जिले को ग्रीन जोन में बनाए रखने के लिए सभी के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता : कमिश्नर श्री चौधरी

0 17

समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने की मनरेगा, उपार्जन सहित अन्य कार्यों की समीक्षा

मण्डला।  जिले को लगातार ग्रीन जोन में बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है जिसके लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। जागरूकता ही कोरोना वायरस से बचने का एकमात्र उपाय है। यह बात संभागायुक्त श्री महेश चन्द्र चौधरी ने जिला योजना भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कही। बैठक में संयुक्त आयुक्त अरविन्द यादव, कलेक्टर डॉ. जगदीश चन्द्र जटिया, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला, सीईओ जिला पंचायत तन्वी हुड्डा, अपर कलेक्टर मीना मसराम सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। 

            संभाग आयुक्त श्री चौधरी ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाये। कोरोना वायरस तेजी से फैलता है। अतः शासकीय कर्मचारी स्वयं भी सुरक्षा के मानकों का पालन करते हुए जनसामान्य को मॉस्क लगाने एवं सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए जिसमें कोविड-19 के मरीजों के साथ-साथ अन्य मरीजों के उपचार के लिए भी समुचित व्यवस्थाऐं समाहित हों। आमजन को उपचार दिलाना पहली प्राथमिकता है। संभागायुक्त ने जिले में शतप्रतिशत व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही जिसके तहत् आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण तथा ओआरएस एवं आयुष विभाग द्वारा दी जाने वाली दवाईयों का वितरण कराया जाये। उन्होंने जिला चिकित्सालय एवं विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर सर्दी-खांसी के मरीजों के लिए पृथक से फीवर क्लीनिक स्थापित करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने सभी अधिकारी कर्मचारियों को मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए। संभाग आयुक्त ने लोकसेवकों का आव्हान किया कि वे पानी सहित अपनी अन्य जरूरत की चीजें घर से लेकर ही निकलें जो उन्हें कोरोना संक्रमण से बचायेगा। उन्होंने इसे एक परंपरा के रूप में विकसित करते हुए जिले का मॉडल बनाने की बात कही। श्री चौधरी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक व्यक्ति तक खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। बेघर, बेसहारा लोगों को भी खाद्यान्न दिया जाये। लॉकडाऊन के कारण किसी भी व्यक्ति के समक्ष खाद्यान्न की समस्या नहीं होनी चाहिए। संभाग आयुक्त ने निर्देशित किया कि झोलाछाप डॉक्टरों के विरूद्ध अभियान संचालित करते हुए उनकी डिस्पेंसरी सील की जाये तथा संबंधित के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाये। 

Leave A Reply

Your email address will not be published.