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तरसता है विंध्य विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं से शहरवासी वंचित

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सतना। दो पंचवर्षीय कांग्रेस और तीन पंचवर्षीय भाजपा की सरकार मध्य प्रदेश में कायम रही।
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का साथ ऐतिहासिक रुप में हमारे जिस विंध्य प्रदेश ने दिया, वही जमीनी स्तर पर विकसित नहीं हो पाया है।
विंध्य प्रदेश ने जितना भाजपा को दिया उसके मुकाबले नहीं हो सका विकास।
कांग्रेस शासनकाल में जनता ने परेशानियों को देखते हुए भाजपा को सत्ता का सिंहासन सौंप दिया।
निरंतर पंद्रह साल तक भाजपा सरकार का दबदबा मध्य प्रदेश में कायम रहा।
मूलभूत सुविधाओं से आज भी विंध्य प्रदेश का जनमानस अछूता है। सड़क, पानी निकासी के लिए नाली, पेयजल आपूर्ति, साफ सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी आम जनता को संघर्ष करना पड़ता है। साल 2018 में जनादेश ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनवा दी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, इसलिए कांग्रेसी खेमे से पहचान हासिल करने वाले एक बड़े नाम वाले नेताजी ने अपनी पारिवारिक छवि को ध्यान में रखते हुए विश्वासघात करने का फैसला किया। हाई-फाई भाजपा मैनेजमेंट ने खरीद फरोख्त का अचूक अस्त्र चलाकर कांग्रेसी विधायकों से इस्तीफा दिलवाया। पंद्रह महीने बाद एक बार फिर भाजपा सरकार सियासत के सिंहासन पर काबिज हो गई। भाजपा सरकार अपने पिछले पंद्रह साल के शासनकाल को विकास कहती है जबकि वास्तविकता यह है कि विंध्य प्रदेश के रीवा और सतना जिले के शहरी क्षेत्रों में भाजपा सरकार ने पिछले पंद्रह सालों में कितना विकास किया है शायद यह बात जनता को बताना जरुरी नहीं है। शहरी इलाकों में रहने वाली जनता को परस्पर आवागमन के लिए सुविकसित सड़कें नसीब नहीं हुई है। वहीं शहरी इलाकों में पानी निकासी के लिए शत प्रतिशत आवश्यकता अनुसार नालियों का निर्माण कार्य भी संभव नहीं हो पाया है। इसी तरह से मीठे पानी की उपलब्धता भी आम जनता को परस्पर संभव नहीं है। रीवा और सतना शहर के अधिकांश इलाकों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत न होने के कारण आम जनता को बदबूदार पानी जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।

रीवा जिसे विकास का माडल बताया गया लेकिन वहां भी सौ फीसदी शहरी आबादी को मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हुई है।

वर्ष 2018 में विंध्य पर छा गया भगवा, रिकॉर्ड 24 सीटें

मध्य प्रदेश का विंध्य क्षेत्र भाजपा का गढ़ बन चुका है।
साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान विंध्य वासियों ने बढ़चढ़ कर भगवा रंग फैला दिया है।
विंध्य क्षेत्र की 30 विधानसभा सीटों में से 24 सीटें भाजपा के नाम कर दी।
इससे पहले भाजपा ने इस तरह का प्रर्दशन विंध्य प्रदेश में कभी नहीं किया था।
शत प्रतिशत भाजपा पर विश्वास जताने के बाद भी भाजपा सरकार बनाने के दौरान विंध्य क्षेत्र को उपेक्षित कर दिया गया। जनमानस ने भाजपा के प्रति अपना सर्मपण दिखाया, लेकिन जमीनी विकास जनता के जीवन में नजर नहीं आया। विधानसभा चुनाव में भाजपा मय विंध्य क्षेत्र किए जाने के बाद भी भाजपा सरकार ने विंध्य प्रदेश को उपेक्षित रखा। बिना भेदभाव किए शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीनी विकास संभव नहीं हुआ। जिनकी ताजपोशी से रीवा सहित विंध्य क्षेत्र के कायाकल्प की उम्मीद लोगों ने लगा रखी थी। लेकिन अफसोस भाजपा सरकार ने विकास का नारा देने वाले लीडर को मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनाया। कुल मिलाकर भाजपा का आंख मूंद कर साथ देने के बाद भी विकास से विंध्य क्षेत्र को महरुम रखा गया। मोहल्लों में सड़कें बदहाल, भर जाता है घुटनों तक पानी भाजपा सरकार का हमेशा साथ देने वाले हमारे विंध्य प्रदेश का जमीनी विकास अब तक संभव न होना वास्तविकता बेनकाब करने के लिए काफी है। रीवा और सतना शहरी हिस्सों में 45-45 वार्ड आतें हैं जिनमें सैकड़ों रिहायशी कालोनियां बसी हुई है। रीवा नगर निगम लोगों से तमाम तरह की सुविधाओं के बदले बराबर टैक्स हासिल करता है, जहां से शुल्क नहीं मिलता तो उनके खिलाफ नगर निगम कार्रवाई करता है। विंध्य क्षेत्र के शहरी इलाकों में बदहाल सड़कों की समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या का सामना करना लोगों की मजबूरी बन गया है। तमाम मोहल्लों में घरों के बाहर सरकारी जमीनों को दबा लिया गया है। रीवा और सतना नगर निगम के पास इस दिशा में सोचने और कार्रवाई करने की फुर्सत नहीं है। मूलभूत सुविधाओं का विस्तार एक समान भाव से रीवा और सतना शहर में नहीं किया गया है। विकास का चाहे भाजपा सरकार या फिर उसके नेता कितना भी हल्ला मचाए पर हकीकत को आईना नहीं दिखा सकते। जिस दिन दोनों शहरों के सभी 45-45 वार्ड की सीमा में आने वाली कालोनियों में आवागमन के लिए विकसित सड़क, पानी निकासी के लिए नालियां, प्यास बुझाने के लिए घर घर मीठा पानी और बेहतर साफ सफाई नसीब होने लगेगी तभी यह कहा जाएगा कि हां अब विंध्य क्षेत्र के रीवा और सतना नगर निगम हिस्से में रहने वालों को एक समान भाव से सभी मूलभूत सुविधाओं का लाभ हासिल होने लगा है।

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