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नशा मुक्त बनाने के लिए जिले के 35 गांव चिन्हित

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जिले में नशा मुक्त भारत अभियान 31 मार्च तक चलाया जायेगा

नरसिंहपुर। नशा मुक्त भारत अभियान में मध्यप्रदेश के 15 जिलों में नरसिंहपुर जिला को भी शामिल किया गया है। जिले में 15 अगस्त से शुरू यह अभियान आगामी 31 मार्च 2021 तक चलाया जायेगा। जिले के नर्मदा तट के 35 गांवों को नशा मुक्त बनाने के लिए चिन्हित किया गया है। नशा मुक्त भारत अभियान के जिले में सुचारू क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री वेद प्रकाश ने संबंधित अधिकारियों की बैठक मंगलवार को लेकर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने अभियान को प्रभावी एवं परिणाम मूलक बनाने के लिए अधिकारियों से सुझाव भी लिये।बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री केके भार्गव, एसीईओ जिला पंचायत श्री सतीश अग्रवाल, उप संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्रीमती अंजना त्रिपाठी, जिला परिवहन अधिकारी श्री जितेन्द्र शर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर श्री वेद प्रकाश ने निर्देश दिये कि अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए नशा मुक्त बनाने के लिए चिन्हित गांवों में वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जावे। अभियान में बच्चों के माध्यम से उनके अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता बढ़ाई जावे और माहौल तैयार किया जावे। अभियान से एनसीसी, एनएसएस, ग्रामीण विकास विभाग और शिक्षा विभाग को जोड़ा जावे। नशा छुड़वाने के लिए विशेषज्ञों की सेवायें ली जावें। प्रेरक साहित्य तैयार कर उसका वितरण कराया जावे। बैनर, पोस्टर और अन्य माध्यमों से जागरूकता बढ़ाई जावे। नशा करने वालों को खेल- कूद में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जावे, इसके लिए उनकी प्रतिस्पर्धा कराई जावे। गार्जियन क्लब की अवधारणा को मूर्तरूप दिया जावे। बच्चों की संसद का आयोजन गांव में कर जागरूकता बढ़ाई जावे। समाज के विभिन्न तबकों को अभियान से जोड़ा जावे। नशा करने वालो की भावनाओं को समझकर उन्हें प्यार से समझाइश दी जावे, विशेषज्ञों की सेवायें ली जावें। प्रेरक नारो के पोस्टर, बैनर तैयार कराकर इनका प्रदर्शन किया जावे। बैठक में बताया गया कि चिन्हित गांवों में अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए 35 जिला अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। प्रत्येक गांव के लिए कार्यकारी समिति, सलाहकार समिति एवं गार्जियन क्लब गठित किया जाना है। कार्यकारी समिति में गांव के ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्कूल के प्रधान अध्यापक, महिला शिक्षक आदि शामिल होंगे। सलाहकार समिति में गांव के गणमान्य नागरिकों को शामिल किया जायेगा। गार्जियन क्लब या चाइल्ड वालेंर्टियर्स समिति में कक्षा 4 से 9 वीं तक के बच्चों को शामिल किया जायेगा।बैठक में अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों ने विशेषज्ञों की सेवायें लेने, ट्रेनिंग कराने, खेलकूद के आयोजन, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान, नशे की सप्लाई चैन तोड़ने, बच्चों के माध्यम से अभिभावकों को प्रेरित करने, महिलाओं को शामिल करने, नशा करने वालों की खेलकूद प्रतियोगितायें कराने, बच्चों की जागरूकता रैली, नशा करने वालों के परिजनों को प्रेरित करने, स्कूलों में चित्रकला, निबंध एवं वाद- विवाद प्रतियोगिता आयोजित कराने, नशा वालों का सर्वे करने, ब्रांड एंबेसडर बनाने, नशा छोड़ने और नशा नहीं करने वालों को उदाहरण के रूप में पेश करने आदि के महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

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