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बाढ़ में फँसे 16 बन्दरो को सुरक्षित रेस्क्यू कर निकाला

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(प्रशांत पटैल(सोनू) जिला ब्यूरो)

नरसिहपुर। विधायक व पूर्व राज्य मंत्री जालमसिंह पटेल को सूचना प्राप्त हुई कि ग्वारी गांव में शेड नदी में बाढ आने से दर्जनों बंदर पेड़ो पर पानी में तीन दिनों से फंसे हैं जिसे तत्काल संज्ञान में लेकर उन्होंने वन अधिकारियों और अपने मीडिया प्रभारी जिला मानद पशु कल्याण अधिकारीभागीरथ तिवारी को निर्देश दिये।

श्री तिवारीजी द्वारा तुरंत वन विभाग व राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचित कर रेस्क्यू हेतु स्वयं भी पत्रकारों की एक टीम व जागरूक नागरिकों को लेकर रवाना हुए।
श्री तिवारीजी के साथ विधायक प्रतिनिधि व बजरंग समिति सदस्य बन्टू साहू पत्रकार साथी व वन्यप्राणी प्रेमी अभय बानगात्री, गीतगोविन्द पटेल, दिनेश दुबे, प्रदीप साहू आदि मोके पर पहुंचे।
पहले रातिकरार मार्ग से जाने का प्रयास किया लेकिन रातिकरार के पास एक पुलिया के ऊपर से काफी जल बहाव होने के कारण तुरंत राजमार्ग के रास्ते से मौके पर पहुंचे।
और फिर नर्मदा नदी और शेर नदी के संगम स्थल रातिकरार शगुन घाट के महज 500-600 मीटर की दूरी पर शेर नदी की बाढ़ ने कुछ बृक्षों को भी चपेट में ले लिया था। इन्ही बृक्षों पर 16 बन्दरों का झुन्ड मौजूद रहा। ग्राम जनों ने बताया कि इन बन्दरों ने शायद यह अनुमान नही लगा पाया होगा की बाढ़ इतनी जल्दी इतनी भीषण हो जाएगी कि वे सब के सब वहीँ फँस कर रह जाएंगे। जिला मानद पशु कल्याण अधिकारी ने बताया कि शेर नदी की बाढ़ में फंसे इन 16 बन्दरों के झुंड में ज्यादातर छोटे बच्चे बन्दर रहे सम्भवतः इन्ही बच्चों के कारण वे पानी मे से उतरकर मैदान में आने से घबरा रहे होंगे।
लेकिन आज भी लोगों के पशु पक्षियों के प्रति अटूट प्रेम है जिसके कारण ही इन बन्दरों को बचाने रेस्क्यू में रातिकरार, ग्वारी शगुन घाट के ग्राम जनों ने भी बड़ा सहयोग किया। जबकि ग्वारी ग्राम की समस्त महिलाओं ने इन बन्दरों के रेस्क्यू ऑपरेशन सफल होने के लिए ग्राम के हनुमानजी के मंदिर प्रांगण में लगातार भजन कीर्तन करती रहीं। जो कि उनको बन्दरों के सफल ऑपरेशन कर सभी को सकुशल बाहर मैदान में पहुंचने की जानकारी देने के बाद भी खुश होकर हनुमान जी के आभार स्वरूप उनके भजन कीर्तन जारी रहे।
इस रेस्क्यू में सबसे बड़ा योगदान मुश्लिम बन्धुओं का रहा जिनमे श्री भागीरथ तिवारीजी को फोन पर जानकारी देने से लेकर स्वयं रेस्क्यू को भी अंजाम तक ले गये। रेस्क्यू को
वन विभाग करेली से रेंजर ठा निरंजन सिंह पटेल, दल बल के साथ पहुंच कर बन्दरों को सकुशल नदी से बाहर निकालने के लिए लगभग4 घँटे तक रेस्क्यू किया गया तब जाकर सभी।

16 बन्दरों की सुरक्षित निकाला गया। बन्दरो को सकुशल निकालने में मोहम्मद इरफान मोहम्मद हसीब मोहम्मद साहबान मोहम्मद वीर उद्दीन नंन्हेंपटेल सीताराम हरि सिंह लोधी हीरालाल लोधी कोमल पटेल सचिव केदार पटेल हेमकरण छोटेलाल संतोष पटेल सुखराम पटेल रेंजर निरंजन सिंह ठाकुर राजेंद्र सिंह ठाकुर प्रभात कुमार पटेल गीतेश पटेल गणेश ठाकुर पवन चक्रवर्ती बालकिशन लोधी रूप नारायण पटेल आदि उपस्थित रहें

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