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बिना सार्वजनिक बोर्ड लगाये हो रहा है निर्माण कार्य।

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निर्माण निति एक्ट की सरेआम उडाई जा रही है धज्जियां ।

पवन कौरव गाडरवारा /- शासकीय अस्पताल गाडरवारा की भूमि पर अलका टाकीज रोड के बाजू में अपार्टमेंट (इमारत) बन रही है। अपार्टमेंट के पास बोर्ड नहीं लगाया गया है कि यह बिल्डिंग व्यावसायिक है या आवासीय। कब तक बिल्डिंग बन जाएगा , कितना खर्च आएगा कोई जानकारी यहां प्रदर्शित नहीं की गई । निर्माण स्थल पर भवन निर्माण से संबंधित किसी तरह का कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है। यहां कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाएंगी, नक्शा कैसा है… कुछ भी नहीं दिखाया गया । ये तो अस्पताल परिसर में बन रहे अपार्टमेंट की बानगी मात्र हैं । बिल्डिंग निर्माण में नियमों का किस तरह खुलेआम उल्लंघन हो रहा है , इसका इससे अंदाजा लगाया जा सकता है । किसी भी अपार्टमेंट या बन रही इमारत के निर्माणस्थल पर निर्माण से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है । बिल्डिंग में क्या-क्या सुविधाएं मिलने वाली है , फायर और भूकंप से बचने के लिए क्या उपाय किए गए हैं… सभी जानकारी बिल्डर या निर्माणकर्ता छुपा लेते हैं । इस निर्माण कार्य की जानकारी सार्वजनिक क्यूँ नही की गई यह बहुत बड़ा बड़ा सवाल खड़ी करती है !

                          सूत्रों की माने तो अपार्टमेंट या भवन बनाने से पहले निर्माण से संबंधित सभी दस्तावेजों और योजनाओं का विवरण निर्माण स्थल पर प्रदर्शित करना अनिवार्य है ताकि लोगों को उसके संबंधित सही जानकारी मिल सके . अगर अपार्टमेंट के निर्माणकर्ता, बिल्डर या प्रमोटर ऐंसा नहीं करते हैं तो भवन के निर्माण कार्य पर रोक लगाया जा सकता है । शहर के जागरूक व इच्छुक नागरिकों को पूरी जानकारी नहीं मिल पाती है कि उक्त भवन का निर्माण कार्य पूरा होने पर किस प्रकार के होंगे एवं क्या वह नियमित तरीके से किया जा रहा है या नहीं ।

निर्माण कार्य स्थल पर निम्नलिखित सूचनाएं सार्वजनिक करना लगभग अनिवार्य होता है

(1). – जिस भूखंड पर अपार्टमेंट का निर्माण हुआ हो या होने वाला हो, पर अपने मालिकाना हक की प्रकृति का पूर्ण एवं सही ब्योरा प्रदर्शित करना ।

(2). – कार्य स्थल पर न्यूनतम 8 गुना 16 फीट आकार का सूचना पट्ट लगाना होगा, जिसमें निर्माणाधीन भवन से संबंधित सभी जानकारी देना ।

(3). – सूचना पट्ट पर अपार्टमेंट निर्माण कार्य प्रारंभ होने की तिथि एवं पूर्ण होने की संभावित तिथि का उल्लेख ।

(4). – नक्शा का पूर्ण विवरण एवं स्केच मैप में भी अंकित रहेगा. विवरण न रहने पर माना जायेगा कि नक्शा पारित नहीं है।

(5). – भूखंड पर के सभी अवरोधों, जिसमें भूमि पर किसी अन्य द्वारा मालिकाना हक का दावा भी शामिल है, का पूर्ण एवं सही ब्योरा प्रकट करना ।

(6). – अपनी योजना और भवन निर्माण संबंधी विशेष विवरण, जैसे उस भूमि पर बनने वाले या बन रहे भवन को, भूकंप एवं आग से संरचनात्मक सुरक्षा के उपाय।

(7). – सभी खर्चों का पूर्ण ब्यौरा ।

इमारत या किसी भवन के कार्य प्रारंभ होने से पहले लगभग इन चीजों को सार्वजनिक किया जाना आवश्यक होता है व मौके पर सूचना पटल का होना भी आवश्यक होता है जो अस्पताल परिसर की जगह में हो रहे निर्माण कार्य मे कहीं भी देखने को नही मिल रहा है । व तमाम जिम्मेदार अधिकारियों का भी इस ओर ध्यान आकर्षित ना होना चिंता का विषय बना हुआ है । इस तरह की लापरवाही कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती नजर आती है निर्माण कार्यों का यूं चुप – चाप से हो जाना कहीं ना कहि प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है । सवाल ये भी खड़ा होता है कि क्या जो जिम्मेदार अधिकारी इन कार्यों का समय – समय पर जायजा लेने पहुचते है क्या उनको यह चीजें दिखाई नही देतीं तो वहीं दूसरी ओर उनकी इस लापवाही के कारण उनकी योग्यता पर भी सवाल खड़े होना लाजमी है ।

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