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भक्ति,आस्था और समर्पण की ‘पेशवाई’ नर्मदा गौ कुंभ संत समागम का भव्य शुभारंभ

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नयनाभिराम झांकियां, संतों की गरिमामयी उपस्थिति,अपार जनसमूह ने किये पवित्र दर्शन

जबलपुर। नर्मदा कुंभ का भव्य शुभारंभ आज विराट पेशवाई के साथ हुआ। मां रेवा के चरणों में  संत समाज,जनप्रतिनिधियों एवं अनन्य श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था, भक्ति और समर्पण की पेशवाई की। इसी के साथ नर्मदा गौ कुंभ संत समागम 2020 का औपचारिक प्रारंभ हुआ। पेशवाई में नयनाभिराम झांकियों के साथ नृत्य दल और बैंड वादन समूह वातावरण को भक्तिमय बना रहे थे। आयोजन के संरक्षक संस्थापक जगद्गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज, संयोजक डॉ. स्वामी नरसिंहदास महाराज सहित वृहद संत समाज की उपस्थिति रही। नर्मदा कुंभ के मुख्य यजमान गौरव भनोत पेशवाई में शामिल रहे।  मप्र सरकार द्वारा आयोजित नर्मदा गौ कुंभ संत समागम में वित्त मंत्री तरुण भनोत की अध्यक्षता में नौ दिनों तक विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे। 

नरसिंहमंदिर से प्रारंभ

पेशवाई का प्रारंभ नरसिंह मंदिर(गोरखपुर) से हुआ। आगे-आगे बैंड वादन हो रहा था, पीछे संत विभूतियां वाहनों में लगाये गये सिंहासन पर विराजमान होकर भक्तों को आशीष प्रदान कर रहे थे। भक्त जन संतों को फूल मालायें अर्पण करते हुये पुष्पवर्षा कर रहे थे। पेशवाई के साथ चल रहे ऊंट, हाथी, घोड़े,  पालकी, बैंड दल, भील नृत्य, ढोल, डमरू दल, बग्घी  आकर्षण का केन्द्र रहे। 

नागा साधुओं की उपस्थिति

पेशवाई में सौ से अधिक नागा साधुओं की उपस्थिति रही।  नागा साधु पेशवाई के दौरान पैदल भी चले और वाहनों से भी। नागा साधुओं की हर-हर महादेव की हुंकार श्रद्धालुओं को उत्साहित कर रही थी। 

नागपुर का बैंड दल 

पेशवाई में शामिल नागपुर के एक बैंड दल ने खूब समां बांधा। इस बैंड में युवक और युवतियां दोनों शामिल रहे। खासबात ये रही कि इस बैंड के आधे सदस्य सामने की ओर चलते हैं और बाकी उनसे विपरीत दिशा में। 

स्वागत का सिलसिला

पेशवाई का स्वागत करने के लिये गोरखपुर से ग्वारीघाट तक विभिन्न संगठनों एवं श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत मंच लगाये गये थे। इन मंचों द्वारा लोगों को पानी उपलब्ध कराया गया। 

पुलिस बैंड ने किया स्वागत

गोरखपुर थाने के सामने जिला पुलिस के बैंड दल ने आकर्षक धुनें बजाकर पेशवाई का स्वागत किया। 

कुंभ से जुड़ा लोककल्याण का उद्देश्य

नर्मदा कुंभ की आने वाली कड़ियों में नर्मदा के शुद्धिकरण एवं इससे अन्य पहलुओं पर संत समाज गहन विचार-विमर्श करेगा। नर्मदा को स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया जायेगा। आम जनों को बताया जायेगा कि जीवन दायिनी मां नर्मदा के प्रवाह को अविरल बनाये रखने के लिये क्या किया जाना चाहिये। गौवंश की रक्षार्थ इस कुंभ में संतों द्वारा अपनी बात रखी जायेगी।

आज निकलेगी शोभायात्रा 

नर्मदा गौ कुंभ में 25 फरवरी को शोभायात्रा निकाली जायेगी। अपरान्ह 2 बजे से उमाघाट से कार्यक्रम स्थल तक विभिन्न चरणों में मां नर्मदा पूजन, कन्या पूजन एवं कलश यात्रा संपन्न होगी। शोभायात्रा में संतों के साथ भक्तजनों की उपस्थिति भी रहेगी। इसी क्रम में, तृतीय दिवस 26 फरवरी से 3 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 12 बजे तक श्री नर्मदा महायज्ञ, महारुद्र यज्ञ एवं गोपुष्टि महायज्ञ के कार्यक्रम संपन्न होंगे। पूर्वान्ह् 11.30 बजे से 3 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा प्रवक्ता आचार्य इंद्रेश उपाध्याय श्रीमद् भागवत कथा पर प्रवचन देंगे। प्रतिदिन पूर्वान्ह् 3 बजे से सायं 7 बजे तक संत समागम होगा। सायं 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक महाआरती होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन दो चरणों में संपन्न होंगे। प्रात: 9 बजे से अपरान्ह् 11 बजे तक एवं रात्रि 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक।

आयोजन के अंतिम पड़ाव 3 मार्च को प्रात: 8बजे से रात्रि 8.30 बजे तक भगवान योगेश्वर पाटोत्सव, पूजन, महाआरती एवं छप्पन भोग के कार्यक्रम संपन्न होंगे। प्रात:9.30 बजे से 11.30 बजे तक संतों का शाही स्नान एवं दोपहर 12 से 1 बजे के बीच महायज्ञ की पूणार्हूति होगी।

भगवान शिव देंगे आशीर्वाद

कुंभ आयोजन स्थल पर प्रवेश करते हुये शिव के दिव्य स्वरूप भक्तों का आशीर्वाद देंगे। यहां भगवान शिव की प्रतिमा और उनकी अर्धनारीश्वर प्रतिमा स्थापित की गयी है।  निकट ही  सवा करोड़ नर्मदेश्वर से निर्मित शिवलिंग का भी दर्शन प्राप्त होगा। 

नर्मदा की संपूर्ण यात्रा का अद्भुत चित्रण

कुंभ क्षेत्र में एक प्रदर्शनी के माध्यम से मां नर्मदा की संपूर्ण यात्रा को अद्भुत रूप से अभिव्यक्त किया गया है। उद्गम स्थल से खंबात की खाड़ी तक मां रेवा के विविध रूप-आकार साकार होते दृष्टव्य होंगे। 

 श्रद्धालुओं के लिये सुविधायें

जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन एवं स्मार्ट सिटी के अमले ने संयुक्त रूप से कुंभ को व्यवस्थाओं के लिहाज से पूरी तरह से तैयार कर दिया है। कुंभ में श्रद्धालुओं को परेशानियां न हों इसलिये 6 अस्थायी थाने बनाये गये हैं। जहां से  24 घंटे पुलिस सहायता प्राप्त होगी। पार्किंग के लिये 15 स्थान चिन्हित किये गये हैं,जिनकी जिम्मेदारी दो सौ यातायात पुलिस कर्मी के कंधों पर होगी। पेयजल की आपूर्ति के लिये 5 हजार लीटर क्षमता वाली 28 टंकियां रखी गयी हैं। प्रसाधनों का इंतजाम आधुनिक तरीके से हुआ है। जिनमें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। कुंभ क्षेत्र में बैठने के लिये कुर्सियों का इंतजाम भी किया गया है। 24 घंटे 100 कैमरे कुंभ क्षेत्र पर नजर रखेंगे। इन सभी कैमरों के लिये दो कंट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं। रेत नाके से भटौली तक सीसीटीवी लगाये गये हैं। 

बिखरेगी सांस्कृतिक छटा

मां रेवा के तट पर नर्मदा कुंभ के विशिष्ट आयोजन में देश भर के विविध विधाओं में पारंगत कलाकार भी हाजिरी लगायेंगे और अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कुंभ में ख्यात गायक कैलाश खेर सहित अन्य कलाकार शिरकत करेंगे। जबलपुर टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के अनुसार,आयोजन में  आदिवासी लोक नृत्य, इंडियन ओसन बैंड, मनीष अग्रवाल, श्रीमति भैरवी विश्वरूप, मनीष चंचल, मोहनी मोघे, शालिनी खरे, मेघा पाण्डे, राजेश कपूर, ममता कुमारी , शहनाज अख्तर, संजू बघेल, मालिनी अवस्थी, उपासना उपाध्याय, मोती शिवहरे, ऋचा शर्मा, नीलांगी कलन्तरे, शैली धोपे एवं हंसराज राघुवंशी कुंभ में अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 

कुंभ से जुड़ी खास बातें

-कुंभ को 10 भागों में बांटा गया है। इन सभी को आकर्षक रूप दिया गया है। 

-कुंभ परिसर करीब 12 एकड़ में फैला हुआ है। सुविधाओं को व्यवस्थित करने के लिये करीब तीन महीने से तैयारियां की जा रही हैं। 

-कुंभ में पूरे देश भर से साधु और संतों का आगमन होगा। 

-कुंभ के दौरान नर्मदा में नौकायन को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।

आवागमन के लिये मुफ्त वाहन सुविधा  

नर्मदा कुंभ में जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड द्वारा संचालित 20 मेट्रो बसें नि:शुल्क सेवा देंगी। इसी तरह 60 ई-रिक्शा भी संचालित होंगे। बसें नर्मदा कुंभ तक ले जाएंगी और वापस भी छोड़ेंगी। ये बसें रांझी, रेलवे स्टेशन, तीनपत्ती चौक, ग्वारीघाट, मेडिकल, छोटी लाइन फाटक, रामपुर रूट  पर चलेंगी। इन बसों पर कुंभ स्पेशल लिखे स्टीकर-बैनर लगाये गये हैं।

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