Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.

मानदेय के लिए गुहार लगा रहे अतिथि शिक्षक।

0 43

संयुक्त आयुक्त कमिश्नर को दिया गया ज्ञ ्््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््
जबलपुर। कोरोनावायरस की विषम परिस्थितियों में जहां सरकार यह अनुरोध कर रही है कि किसी भी कर्मचारी को निकाला ना जाए किसी का रोजगार ना जाए वही उन कर्मचारियों को खुद ही वेतन नहीं दे पा रही है जिसे उन्होंने अतिथि शिक्षक बोलकर स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए नियुक्त किया था। ऐसा प्रतीत होता है कि देश के राजनेता अफसर जनप्रतिनिधि इस बात से खुश हैं कि उनके अपने और अपनों के घर का चूल्हा जल रहा है एक आम मेहनतकश देशवासी यदि भूखा मरे तो उन्हें इसकी कोई फिक्र नहीं।मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक संघ द्वारा 3 माह से वेतन न दिए जाने के विरुद्ध कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया हालांकि इसके पहले भी वह वेतन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं मगर प्रशासन के कानों पर जूं नहीं रेंग रही वह कान में तेल डालकर कुंभकरण की नींद सोया हुआ है ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जो उम्मीद लगाकर पीड़ित प्रशासन की तरफ देखता है और गुहार लगाता है अपनी बात कहता है उस उम्मीद को कोई सहारा मिलता दिख नहीं रहा।
अतिथि शिक्षकों कौन है एकत्र होकर कमिश्नर ऑफिस में कार्यरत संयुक्त आयुक्त अरविंद भदौरिया को ज्ञापन सौंपा।
अतिथि शिक्षकों ने निम्न संकुल में कार्यरत अपने साथियों के लिए मानदेय की मांग की इनमें शासकीय बालक शाला बरगी, शासकीय कन्या शाला बरगी, शासकीय हाई स्कूल गणेशगंज, शासकीय हाई स्कूल भेड़ाघाट, शासकीय हाई स्कूल नारायणपुर,
ज्ञापन सौंपने वालों में हेमंत तिवारी अध्यक्ष शिक्षक संघ जबलपुर, नेहा बंसल, सुनील सरैया, सतीश नागरिया, संतोष सिंह, सन अतिथि शिक्षक मौजूद रहे मांग पूरी ना होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.