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रिलाइंट या रिलायंस फाउण्डेशन को कौन कर रहा फंडिंग ?

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शुरूआत से लेकर अब तक की कराई जावे जांच, ग्राम सभा में प्रस्तावित हों काम


मण्डला।
यूं तो कई तरह के एनजीओ और फाउण्डेयरन मध्यप्रदेश के मण्डला जिले में काम कर रहे हैं लेकिन इनके कामों की सही जानकारी नागरिकों को नहीं मिल पा रही है। कई नागरिको द्वारा शंका जताई जा रही है कि इस तरह की संस्थाएं सिर्फ कागज में काम कर रही हैं। हकीकत के धरातल पर इनके द्वारा काम नहीं किया जा रहा है। एक ऐसी ही संस्था विगत कुछ वर्षों से चर्चा में है। आजतक पता नहीं चल पाया कि आखिरकार यह संस्था कहां की है और इसे फण्डिंग कौन कर रहा है। रिलायंस या रिलायंट फाउण्टेशन के नाम के ये संस्था मण्डला जिले में काफी लंबे समय से काम कर रही है। गांव मे समूह बनाकर क्या-क्या इसके द्वारा किया जा रहा है यह जांच का विषय हो जाने के बाद भी इस फाउण्डेषन के कार्यों की जांच पड़ताल नहीं की जा रही है। फाउण्डेषन में पदस्थ कर्मचारियों को वेतन कहां से प्राप्त हो रहा है? चर्चा यह है कि इन्हें वेतन की भारी रकम दी जा रही है। और कर्मचारी वेतन की भारी रकम की लालच में गांव-गांव जाकर समूह बना रहे हैं और कई तरह के कार्यों को करा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो समूह के माध्यम से न किया जाकर बल्कि दूसरे ऐजेंसियों के माध्यम से कार्यों को कराने की भी जानकारी मिली है। ग्रामीणों के अनुसार इस फाउण्डेषन के काम तो ठीक हैं लेकिन सवाल यह है कि फाउण्डेषन द्वारा गांव की संसद ग्राम सभा से दूरी क्यों रखी जाती है? फाउण्डेशन के कार्यों को ग्राम सभा में जानकारी देकर प्रस्तावित क्यों नहीं कराया जाता है? सब कुछ छिपाकर आखिर क्या किया जा रहा है यह जांच का विषय हो गया है। जांच की जानी चाहिए कि संस्था कहां की है? अब तक इस फाउण्डेशन को कितनी राषि कहां-कहां से प्राप्त हुई है? और उसका उपयोग कहां-कहां पर किस प्रकार किया गया है? कर्मचारियों को वेतन व भत्ता कहां से दिया जा रहा है? जनापेक्षा है फाउण्डेषन के सभी कार्यों की शुरूआत से लेकर अब तक की जांच की जावे और फण्डिंग का पता लगाकर उसके उपयोग का भौतिक सत्यापन किया जावे और सभी कामों को ग्राम सभा में प्रस्तावित किया जावे।

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