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विंध्य महानायक व्हाईट टाइगर के नाम पर होगा कर्मवीर पर्व

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अमहिया दरबार में जुटे कांग्रेसी, दादा से विंध्य का अटूट लगाव

रवि शंकर पाठक की रिपोर्ट रीवा

मध्य प्रदेश के हृदय स्थल में विंध्य प्रदेश बसा हुआ है। हमेशा मध्य प्रदेश की राजनीति में सबसे प्रभावी भूमिका हमारे विंध्य प्रदेश की रही है। विंध्य महानायक व्हाईट टाइगर मध्य प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के प्रति लोगों का सर्मपण किसी से छिपा नहीं है। हर समाज में व्हाईट टाइगर का सम्मान करने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। विंध्य प्रदेश की माटी में जन्म लेकर राष्ट्रीय स्तर पर स्टेट का नाम रोशन करने वाले विंध्य महानायक मध्य प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी जैसी हस्ती बिरले ही धरती पर जन्म लेती है। विंध्य प्रदेश का नाम इतिहास के पन्नों में गौरवान्वित करने वाले विंध्य की राजनीति के कोहिनूर श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी को भूलाना किसी के लिए भी संभव नहीं है। उनका नाम जुबान पर आते ही शरीर में ऊर्जावान शक्तियों का संचार अपने आप होने लगता है। विंध्य प्रदेश की राजनीति के केन्द्र अमहिया दरबार में जिले भर के कांग्रेसी जुटे और हर वर्ष की तरह साल 2020 में भी दादा का जन्मदिवस 17 सितंबर को भव्यता के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया गया। विंध्य महानायक व्हाईट टाइगर पंडित श्रीनिवास तिवारी का जन्म रीवा जिले के तिवनी गांव के एक साधारण बाह्मण परिवार में हुआ था। लेकिन दादा ने वकालत के साथ ही जब राजनीति में कदम रखा तो किसी ने यह सपने में नहीं सोचा था कि व्हाईट टाइगर विंध्य प्रदेश के ऐसे कोहिनूर बन जाएगा जिनके कारण हमारे विंध्य प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर होने लगेगी। इस साल श्रीयुत श्रीनिवास तिवारी का जन्म दिवस श्रीयुत कर्मवीर पर्व के रूप में कांग्रेस का विशाल कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के लिए दादा के अनुयायियों ने तैयारियां शुरू कर दी है। व्हाईट टाइगर के प्रति विंध्य वासियों में अटूट आस्था है। विंध्य प्रदेश की सियासत में जो सर्वोच्च स्थान विंध्य महानायक व्हाईट टाइगर को दिया है, संभव है कि अब शायद विंध्य प्रदेश की माटी में जन्म लेने वाले किसी दूसरे जनप्रतिनिधि को नसीब नहीं होगा। विंध्य महानायक पर आधारित श्रीयुत कर्मवीर पर्व को सफल बनाने के लिए उनके अनुयायी जुट गए हैं। रीवा संभागीय मुख्यालय में नगर निगम के बगल से मौजूद पदमधर पार्क में कर्मवीर पर्व के उपलक्ष्य में कांग्रेस पार्टी का विशाल कार्यकर्ताओं का सम्मेलन 17 सितंबर 2020 को आयोजित किया जाएगा।*दादा की वजह से विंध्य प्रदेश के हजारों घरों में जल रहे हैं चूल्हे*स्वतंत्र विंध्य प्रदेश को अस्तित्व में लाने के लिए व्हाईट टाइगर पंडित श्रीनिवास तिवारी ने कांग्रेस सरकार के जमाने में एक अति महत्वपूर्ण प्रस्ताव विधानसभा से पारित करा लिया था। लेकिन कांग्रेस सरकार की विदाई और भाजपा के सत्ता में आते ही विंध्य वासियों की माली हालत सुधारने वाले स्वतंत्र विंध्य प्रदेश के प्रस्ताव को सुनियोजित तरीके से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। विंध्य महानायक के धरती से जाते ही स्वतंत्र विंध्य प्रदेश जैसे आम जनता से जुड़े मुद्दे को विंध्य की सियासत में प्रभावी रहने वाले जनप्रतिनिधियों ने तवज्जो देना आवश्यक नहीं समझा। विंध्य प्रदेश सहित मध्य प्रदेश के दर्जन भर जिलों में हजारों घरों के चूल्हे आज भी विंध्य महानायक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के आशिर्वाद से जल रहे हैं। यही वजह है कि जब विंध्य महानायक और राजनीति के पुरोधा पंडित श्रीनिवास तिवारी ने अपने जीवन को अलविदा कहा तो अपने आप रीवा का पूरा बाजार व्यापारियों ने अपनी स्वेच्छा से बंद कर दिया। अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए दादा के ग्रह ग्राम तिवनी जिला रीवा में लाखों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस भीड़ को देखकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह जैसे दिग्गज नेता भी भौंचक रह गए थे। दादा की अंतिम यात्रा में जब तक सूरज चांद रहेगा दादा तेरा नाम रहेगा जैसे नारे अपने आप गुंजायमान होते रहे।*स्वतंत्र विंध्य प्रदेश होगी, विंध्य महानायक को सच्ची श्रद्धांजलि*विंध्य महानायक व्हाईट टाइगर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने विंध्य वासियों तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के लिए स्वतंत्र विंध्य प्रदेश की सौगात देने का प्रयास शुरू किया था, लेकिन उनके जीवित रहते ऐसा संभव नहीं हो पाया। यदि विंध्य प्रदेश की धरती पर सियासत करने वाले मौजूदा जनप्रतिनिधियों का कुनबा स्वतंत्र विंध्य प्रदेश को यूं ही अनदेखा करता रहा तो यह तय है कि शहर से लेकर गांव गांव तक जन सुविधा के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कभी संभव नहीं हो पाएगा। व्हाईट टाइगर की राजनैतिक विरासत के रूप में नाती और नत बहू ने आगे बढ़ाने का जिम्मा अपने हाथों में लिया है। दादा के पुत्र सुंदरलाल तिवारी ने भी विंध्य की सियासत में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। लेकिन अफसोस दादा के जाने के उपरांत जल्द ही उन्होंने भी जिंदगी को अलविदा कह दिया। ऐसे में व्हाईट टाइगर के नाती स्व सुंदरलाल तिवारी के पुत्र पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सिद्धार्थ तिवारी राज और दूसरे नाती डॉ विवेक तिवारी बवला की धर्मपत्नी श्रीमती अरुणा तिवारी ने सिरमौर से विधानसभा चुनाव लडा था। विंध्य महानायक व्हाईट टाइगर मध्य प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी की राजनीति विरासत को आगे बढ़ाते हुए उनके स्वतंत्र विंध्य प्रदेश के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी डॉ विवेक तिवारी बवला, श्रीमती अरुणा तिवारी और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सिद्धार्थ तिवारी राज के मजबूत कंधों पर है।

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