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विश्व को अनुदान का संदेश दे रहे हैं समर्थ सेवक

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जबलपुर।लॉकडॉउन के शुरू होने से लेकर अब तक लगातार किसी व्रत की तरह अन्य दान कर जरूरतमंदों की सेवा निरंतर समर्थ सेवक करते चले आ रहे हैं। वैश्विक महामारी की इस भीषण त्रासदी में समर्थ सदाव्रत की 57 वाएँ दिन की महासेवा आज सुबह सुबह जरूरतमन्दों के लिए चाय ,दूध,ब्रेड,बिस्किट,पोहे के साथ आरम्भ हुई।
राजमार्ग 7 से गुजरने वाले सभी जरूरतमंद जब समर्थश्री के सानिध्य में भोजन सहित अन्य सुविधाएं पाते हैं तो उनके लंबे कष्टों से भरे हुए सफर में बहुत कुछ राहत मिलती है क्योंकि यहां से उनके आगे के सफर की जरूरतों को भी पूरा किया जा रहा है। नियमित 10000 से अधिक लोगों को आहार सहित अन्य सामग्री दी जा रही है। समर्थश्री स्वयं यहाँ उपस्थित रहते हैं। NH 7 से गुजरने वाले राहगीरों के रोज़ अनगिनत कष्टमयी अनुभवों को सुनकर विवश राहगीरों की जरूरत के आधार पर समर्थ महासेवा का प्रतिदिन विस्तार भी किया जा रहा है। समर्थश्री का संदेश है कि संस्कारधानी से गुजरने वाले अंतिम जरूरतमंद व्यक्ति तक भी आहार सहित सभी सुविधा अवश्य ही पहुंचे। जिसके लिए समर्थ सेवक प्रण प्राण से लगे हुए हैं। संस्कारधानी के नाम को चरितार्थ करने वाली समर्थ महासेवा से जुड़े सभी कर्मयोद्धा समर्थश्री के सानिध्य में सुबह 4 बजे से रात 1 बजे तक सेवाएँ दे रहे हैं । जिससे प्रभवित होकर समाज में भी जनचेतना आ रही है। और अन्य जनसेवी संस्थाएं मदद ले लिए आगे आ रही हैं जिनका नर्मदामिशन आभार प्रगट करता है।समर्थश्री का संदेश है कि इस विपत्ति काल में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य हैं कि वह असहाय व्यक्ति की सहायता करे।
नर्मदामिशन की समर्थ महासेवा द्वारा लगभग 1000 परिवारों की मासिक राशन व्यवस्था व चिन्हित जरूरत की जगहों पर 15000 भोजन के पेकिटों का नियमित वितरण भी किया जा रहा है।
समर्थश्री का कथन है कि जब तक ये वैश्विक विपत्ति है तब तक ये सेवा निरन्तर चलती रहेंगी।

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