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“शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन में गुणवत्ता ” पर ऑनलाइन राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन

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जबलपुर। शिक्षा के जगत की नीव शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन पर आधारित है, इन क्षेत्रों में सतत परिश्रम नव्य प्रयोग आदि के द्वारा ही अकादमिक उत्कृष्टता को प्राप्त किया जा सकता है,उपर्युक्त उद्गार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ फादर वलन अरासू के द्वारा व्यक्त किए गए। दिनांक 29 एवं 30 मई 2020 को संत अलॉयसिस स्वशासी महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता अध्ययनरत प्रकोष्ठ द्वारा परामर्श योजना के तहत द्वि- दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन कांफ्रेंस आयोजित की गई। यह कांफ्रेंस शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन में गुणवत्ता अकादमिक उत्कृष्टता की आवश्यकता विषय पर आधारित थी। कांफ्रेंस के उद्घाटन सत्र में सर्वप्रथम कॉन्फ्रेंस की संयोजिका डॉ एलिना फिलिप अधिष्ठाता सामाजिक विज्ञान संकाय द्वारा कांफ्रेंस के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला गया। विद्यालय के फादर डॉ वलन अरासू ने अपने स्वागत भाषण में कांफ्रेंस के ऑनलाइन सभी विषय विशेषज्ञों प्रतिभागियों एवं शोधार्थियों का स्वागत करते हुए, उन्हें अद्यतन ज्ञान एवं तकनीकों से परिपूर्ण होने हेतु प्रेरित किया । उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि श्रधेय बिशप जेराल्ड अल्मेड़ा ने कांफ्रेंस के मूल विषय की सराहना की और सभी प्रतिभागियों को निरंतर श्रेष्ठता को हासिल करने का संदेश दिया। कान्फ्रेंस के पहले दिन तकनीकी सत्र में वक्ता डॉ मधुकर शेषाद्री पूर्व सलाहकार नैक बेंगलोर ने शिक्षा में शिक्षण अधिगम एवं तकनीकी विषय पर विचार रखे। द्वितीय तकनीकी वक्ता डॉ रुचि त्रिपाठी सह- सलाहकार नैक बेंगलोर ने विविधता में छात्र नामांकन और खानपान विषय पर प्रकाश डाला। इसके अगले चरण में प्रतिभागियों द्वारा शोध पत्र वाचन किया गया। जिसकी अध्यक्षता डॉ कल्लोल दास उप प्राचार्य महाविद्यालय द्वारा की गई।
कान्फ्रेंस के दूसरे दिन तृतीय तकनीकी सत्र के वक्ता डॉ राकेश अग्रवाल वक्ता ओएसडी रूस प्रोजेक्ट भोपाल ने मूल्यांकन प्रक्रिया और सुधार विषय पर अपनी बात रखी। चतुर्थ सत्र में वक्ता डॉ उषा नायक ओएसडी वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट भोपाल का विषय “शिक्षण और उपगम” में शैक्षणिक नवाचार था। कांफ्रेंस के पंचम तकनीकी सत्र में वक्ता डॉ श्याम सिंह इंदा सह- सलाहकार नैक बेंगलोर ने “छात्र संतुष्टि” विषय पर प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि इसमें 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की ।
कांफ्रेंस के समापन सत्र में डॉ सिबी सैमुअल आइक्यूएसी ने कांफ्रेंस की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके उपरांत दो प्रतिभागियों द्वारा फीडबेक प्रस्तुत किया गया । समापन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ फादर डेविस जॉर्ज डायरेक्टर संत अलॉयसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने अपने संदेश में कहा की ” निरंतर अभ्यास और अधिगम द्वारा उत्कृष्टता की ओर जाया जा सकता है”।
कांफ्रेंस के सफल आयोजन में डॉ एलीना फिलिप, डॉ सी सिवी सैमुअल, डॉ अंजली डिसूजा, डॉ रुपाली आहलूवालिया, नीलांजना पाठक डॉ पर्ली जैरी, डॉ सोनाली निगम एवं डॉ रीता चौहान की मुख्य भूमिका रही ।

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