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शिक्षा विभाग के लिपिक ने रक्तदान कर बालिका को दिया जीवनदान

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सतना में परेशान परिजनों को पन्ना के समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी ने दिलाया बी नेगेटिव ब्लड


पन्ना। जिले के बड़ागांव निवासी जीतेंद्र सिंह परमार कि 6 वर्षीय पुत्री दिव्यांशी सिंह परमार को बी नेगेटिव ब्लड की अत्यंत आवश्यकता सतना जिला मुख्यालय के प्राइवेट हॉस्पिटल में पड़ गई ।  जहां पर पीड़ित परिजनों द्वारा लगभग एक दर्जन  परिचितों का ब्लड परीक्षण कराया मगर किसी का ब्लड मिलान नहीं हुआ । सतना जिले की सभी ब्लड बैंक में ब्लड की तलाश की गई मगर बी नेगेटिव ब्लड उपलब्ध ना होने पर पीड़ित परिजन काफी परेशान हो गए। तब पीड़ित परिजनों ने पन्ना जिला अस्पताल के समीप संचालित रेडक्रास मेडिकल के संचालक तरुण पाठक से ब्लड के संबंध में जानकारी ली जिनके द्वारा बताया गया कि पन्ना जिले के समाजसेवी रामबिहारी गोस्वामी से आप संपर्क करें । जिसके बाद पीड़ित परिजनों द्वारा पन्ना जिले के समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी से दूरभाष पर संपर्क किया गया श्री गोस्वामी द्वारा बिना कोई विलंब किए सोशल मीडिया पर बी नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता के संबंध में जानकारी डाली गयी।  जिसके बाद शहर के मनहर कन्या शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ लिपिक राधा कृष्ण गोस्वामी उर्फ पिंकू महाराज पिता शिक्षक स्व श्री आर एस गोस्वामी उम्र 40 वर्ष निवासी  अजयगढ़ चौराहा द्वारा तत्काल ही श्री गोस्वामी से संपर्क किया गया और उनके द्वारा रक्तदान करने की स्वेच्छा जाहिर की गई । जिसके बाद समाजसेवी श्री गोस्वामी द्वारा पीड़ित परिजनों को ब्लड उपलब्ध होने के संबंध में बतलाया गया   जिसके बाद पीड़ित परिजन  मासूम बालिका को सतना अस्पताल से देर सायं को पन्ना लाये । जहां पर शिक्षा विभाग के लिपिक राधा कृष्ण गोस्वामी द्वारा अपने साथियों के साथ पन्ना जिला अस्पताल में  पहुंचकर स्वेच्छा से रक्तदान किया गया।  रक्तदान दाता श्री गोस्वामी ने बतलाया कि उनके द्वारा अभी तक लगभग आधा दर्जन से अधिक बार रक्तदान किया जा चुका है। रक्तदान दाता श्री गोस्वामी ने बताया कि जब भी उन्हें बी नेगेटिव ब्लड के संबंध में किसी को आवश्यकता होने की जानकारी प्राप्त होती है तो वह प्रत्येक कार्य को छोड़कर जरूरतमंद को रक्तदान अवश्य करते हैं। उन्होंने बतलाया कि बी नेगेटिव ब्लड ग्रुप बहुत ही जटिल ब्लड ग्रुप होता है और समय पर ब्लड ना मिलने से कई बार इंसान की जान चली जाती है ।  इसलिए जब भी उन्हें बी नेगेटिव से पीड़ित मरीज की जानकारी प्राप्त होती है वह अपने सारे कार्य छोड़कर जरूरतमंद को रक्तदान करने के लिए अवश्य पहुंचते हैं । इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक सुनील पांडे समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी ओम प्रकाश मिश्रा गजेंद्र सिंह चाली राजा एवं ब्लड बैंक प्रभारी चिकित्सक डॉ डीपी प्रजापति लैब टेक्नीशियन रविकांत शर्मा सहित पीड़ित परिजन उपस्थित रहे। समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी ने कहा कि रक्तदान प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में चार बार अवश्य करना चाहिए। रक्तदान करने से हृदय गति संबंधी बीमारियां से जहां व्यक्ति का बचाव होता है । वही समय पर जरूरतमंद को रक्त देने से किसी के बेटा बेटी किसी के माता-पिता किसी के भाई बहन का जीवन बचाया जाता है । इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में तीन से चार बार रक्तदान अवश्य करना चाहिये। रक्तदान करने से किसी भी प्रकार की कमजोर शरीर में नहीं आती है और डॉक्टरों द्वारा भी बताया जाता है कि रक्तदान करने से लोगों को हृदयाघात संबंधी बीमारी कम होती है।

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