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शुक्रवार बन गया पुण्य शुक्रवारः फादर

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जबलपुर।यूं तो हर दिन शुभ होता है। समय का हर पहर ईश्वर का बनाया हुआ है लेकिन किन्हीं विशेष कारणों घटनाक्रमों के चलते वह एक दिन ना केवल पवित्र हो जाता है बल्कि ईश्वर की तरफ से दिए जाने वाले विशेष आशीर्वाद का कारक भी बन जाता है। इस दिन ईश्वर की विशेष कृपा होती है। ऐसा ही दिन है शुक्रवार का दिन जो कि एक पुण्य शुक्रवार है। गुड फ्राइडे के नाम से प्रचलित यह त्यौहार वस्तुतः ईसा मसीह के द्वारा मानवता के लिए अपने जीवन के सर्वोच्च त्याग की कहानी कहता है। किस प्रकार उन्हें क्रूस पर चढ़ाकर उनके शरीर पर घाव  किए गए। प्रभु यीशु ने अपने शरीर पर दिए जाने वाले भागों को स्वीकार किया और अपनी मृत्यु को भी स्वीकार किया। बदले में संसार के सभी मनुष्यों के तमाम कष्टों को हर लिया और लोगों को उनके पापों से मुक्ति दी। उन्हें भला चंगा कर दिया। यह निश्चित ही ईश्वर की विशेष अनुकंपा है सभी मनुष्यों पर।    सेंट थॉमस स्कूल के प्रबंधक फादर रंजीत लकड़ा ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह पूरी दुनिया को जिस प्रकार त्याग और बलिदान का संदेश दिया है और बदले में दूसरों के कष्टों को अपने ऊपर ले कर सभी को कष्टों से मुक्ति दी है पापों से मुक्ति दी है यह एक अनुकरणीय और प्रेरणादाई उदाहरण है। गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था और इसके तीन दिन बाद वे अपने शिष्यों के समक्ष पुनः जीवित हो उठे थे।प्रभु यीशु ने अपने शिष्यों के समक्ष ही भविष्यवाणी की थी जैसा कि मत्ती के 16:21 सुसमाचार में लिखा है कि नेताओं महा योजकों के द्वारा दिए गए दुख उठाना, मार डाला जाना और पुनः जीवित हो उठना।  उसके साथ ही इसी गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया जाता है। हाथों में कीलें ठोंकी जाती है और कांटों का ताज पहनाया जाता है। अंत में उनकी निर्मम हत्या कर दी जाती है। तब तो प्रश्न है हम उठते हैं कि उस दिन क्या हुआ? और किसने किया? उस दिन वह जो स्वयं परमेश्वर का पुत्र था। स्वयं ईश्वर था। उसे दो चोरों के बीच क्रूस पर चढ़ा दिया जाता है ईश्वर ने उस क्रूस को पवित्र कर दिया।  प्रभु यीशु ने अपने शरीर पर घाव सहन कर, मानवता के घाव दूर किए। संसार के सभी मनुष्यों के पाप का बदला अपने रक्त से दिया। मनुष्य अपने निरर्थक जीवन शैली में किए जाने वाले पापों से सोने चांदी के बदले मुक्त नहीं हो सकता। इसलिए स्वयं ईश्वर ने अपने पुत्र के रक्त से लोगों के पापों को दूर किया। लोग भले चंगे हो गए। जो वक्त के साथ नहीं बदलता उसे वक्त स्वयं बदल देता है। ईश्वर ने अपने प्रिय पुत्र के पवित्र रक्त के बदले मनुष्य को आज के दिन लोगों को उनके पापों से मुक्ति दी थी। उनकी तकलीफों से मुक्ति दी थी। जिसके चलते यह शुक्रवार पुण्य शुक्रवार में बदल गया।

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