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संजय गांधी हॉस्पिटल की बदहाल व्यवस्था से न जाने कितने माशूम की जाती रहेगी जान

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आखिर कब तक माँ की गोद होती रहेगी सुनी आखिर इन सबका जिम्मेदार कौन
रीवा। संजय गांधी हॉस्पिटल विन्ध्य का सबसे बड़ा हॉस्पिटल जाना जाता है जहां हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही के चलते आये मरीज व स्टाफ के बीच मे हंगामा होता रहता है बीते दिनों पहले 5 नावजत बच्चों की जान जा चुकी है जिसका सबसे बड़ा कारण है हॉस्पिटल प्रवंधन की व्यवस्था में कमी सुमित मांजवानी के द्वारा मीडिया से बताया गया कि मैं अपनी पत्नी को डिलिवरी हेतु वरदान हॉस्पिटल में भर्ती कराया था जहां हमारी पत्नी को बच्चा हुआ मगर बच्चे का स्वस्थ सही नही था जिसे तत्काल ही संजय गांधी हॉस्पिटल के बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया और डाक्टरो ने इलाज भी शुरू किया मगर इलाज करने में डाक्टरो को दिक्कते हुई हॉस्पिटल में लाइट सही तरीके से थी नही आक्सीजन की व्यवस्था समय पर नही हो पाई समय पर उपचार न मिल पाने की बजह से आख़िर कार नवजात बच्चे की जान चली गई सबसे ताजुक की बात तो यह है कि हॉस्पिटल प्रबंधन अपनी कमियों को क्यो दूर नही कर पा रहा है । जब कि कुछ डाक्टर व स्टाफ को लापरवाही वरतने पर निलंबित कर दिया गया था इतनी बड़ी कार्यवाही होने के बाद भी प्रबंधन की इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है । मृतक नवजात के पिता सुमित मांजवानी ने आरोप लगाए की हॉस्पिटल प्रबंधन ही हमारे बच्चे के मौत का जिम्मेदार है है प्रबंधन की इतनी बड़ी लापरवाही है कि अगर किसी भी मरीज को गंभीर हालत में भर्ती कर दिया जाए और वो अपने पैरो में न चल पाए तो उसकी जांच मशीन एक्सरे मशीन ,आक्सीजन कि व्यवस्था उसी वार्ड में होनी चाहिए अगर ये व्यवस्था उसी वार्ड में रहे तो न मरीजो को समय पर सही उपचार देकर उनकी जिंदगी को बचाया जा सकता है। मगर संजय गांधी हॉस्पिटल में कई लचर व्यवस्था जैसे आक्सीजन की व्यवस्था अगर किसी मरीज को आक्सीज की जरूरत पड़े तो इधर से खुद मरीज के परिजन भटकते रहते है आक्सीज के सिलेंडर हेतु जबकि ये सभी हॉस्पिटल प्रबंधन के है इनकी लापरवाही की बजह खुद मरीज के परिजन आक्सीजन के सिलेंडर को अपने कंधों में उठाकर मरीज के पास तक पहुचाते है

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