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सावन महीने का तीसरा सोमवार: ऋणमुक्तेश्वर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु

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  • मुख्य गेट पर ताला लगा होने के वावजूद भी दर्शनार्थ के लिए पहुंच रहे लोग

नंद किशोर ठाकुर,डिंडोरी। सावन माह के तीसरे सोमवार को ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ भाड़ सुबह से देर शाम तक लगी रही।बताया गया कि जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर कुकर्रामठ में स्थित ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार को अभी तक नहीं खोला गया है,जिससे जिले भर से पहुंचे सैलानियों सहित भगवान के भक्त शिवलिंग को स्पर्श करके दर्शन नहीं कर पा रहे, भक्तों को जल अभिषेक करने में भी परेशानी हो रही है,जबकि लोगों की मंदिर से गहरी आस्था जुड़ी हुई है।पुरातत्व विभाग की मानें तो मंदिर का निर्माण 10वीं 11वीं शताब्दी में हुआ था,जहां हर दिन सैकड़ों सैलानी पहुंचा करते थे,लेकिन कोरोनावायरस के चलते कम सैलानी ही पहुंच रहे हैं।सावन के तीसरे सोमवार को भक्तों ने भगवान भोलेनाथ को पाइप लाइन के जरिए जल अभिषेक किया।

  • कावड़ यात्रा पर लगा है प्रतिबंध

पुरातत्व विभाग द्वारा सैलानियों के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं,जारी निर्देशों के अनुसार पूरे सावन माह में कावड़ यात्रा पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगी, साथ मंदिर पहुंचे सैलानियों केवल शिवलिंग को दूर से ही दर्शन कर पाएंगे। निर्देश के अनुसार शिवलिंग में फूल, बेलपत्र, धतूरा, चावल, शहद, शक्कर आदि चढ़ाना पूर्णतया वर्जित किया गया है।नियम को कड़ाई से पालन करवाने के लिए विभाग ने मुख्य गेट पर ताला लगाने के निर्देश दिए हैं, जिससे सैलानी अब केवल मंदिर के बाहर से ही दर्शन कर पाएंगे।

पाइप लाइन के जरिए हो रहा अभिषेक ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है।मान्यता है कि विधि विधान से पूजा पाठ करने से लोगों को ऋणों से मुक्ति मिलती है एवं घरों में सुख समृद्धि का वास होता है।खास तौर पर सावन माह में जिलेभर से सैकड़ों श्रद्धालु हर दिन पूजा पाठ करने पहुंचते थे।पिछले हर सालों में सावन सोमवार के दिन हजारों की संख्या में दूर-दूर से लोग पहुंचकर भक्ति भाव से पूजा पाठ भी किया करते थे,लेकिन इस साल कोरोनावायरस महामारी के चलते मंदिरों में पूजा-पाठ बंद है। ऐतिहासिक ऋणमुक्तेश्वर मंदिर मैं लोगों की गहरी आस्था होने के चलते जलाभिषेक करने के लिए गेट से शिवलिंग तक पाइप लाइन लगाया गया है,पाइप लग जाने के बाद अब गेट से सीधे शिवलिंग में जलाभिषेक किया जा रहा है।

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