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शानदार व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण

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             वर्तमान के आपाधापी एवं कठिन जीवन शैली में हर व्यक्ति
चाहता है कि उसे प्राथमिकता मिले और उसके सब कार्य तत्काल पूर्ण हो जाए|
भारत की जनसंख्या के हिसाब से हर स्थान, हर जगह जबरदस्त  प्रतियोगिता का
वातावरण निर्मित हो चुका है| एक काम  के लिए हजारों लोग लाइन में लगे हुए
हैं, मूलत किसी पद को पाने के लिए इतनी ज्यादा प्रतियोगिता एवं
प्रतिस्पर्धा  है कि साधारण कद काठी  एवं सामान्य व्यक्तित्व का व्यक्ति
भीड़ में कहीं खो जाता है  अपने निर्धारित  लक्ष्य को प्राप्त करने से
वंचित रह जाता है|असफलता के कारण मानसिक दबाव जिंदगी भर रहने लगता है,
ऐसे व्यक्तित्व विकास मनुष्य के जीवन में एक कड़ी और चुनौतीपूर्ण जीवन
रेखा है| एसे में व्यक्ति को शानदार व्यक्तित्व बनाने के लिए बड़ी मेहनत
एवं कठिन तपस्या की आवश्यकता होती है| तभी वह इस प्रतिस्पर्धात्मक जीवन
शैली में अपने आप को सही और सटीक  स्थापित कर पाता है|

                                                   व्यक्तित्व विकास के
साथ  मनुष्य अपना जीवन दूसरों की तुलना में बेहतर तरीके से गुजार पाता
है, ऐसे में लोगों एवं आप के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों के मन में
आपके प्रति सकारात्मक एवं अच्छे विचार आते हैं| आपका प्रभाव भी लोगों पर
आपकी कार्यप्रणाली पर अच्छा होने लगता है| अच्छे व्यक्तित्व  का मालिक
अपने प्रतिदिन के काम में सर्वश्रेष्ठ ऊर्जा तथा शक्ति प्रदान कर पाता है
और धीरे-धीरे वह लोगों से अलग दिखाई देने लगता है, आमजन उससे जुड़ना
चाहते  है, और आपकी तरह बनने के सपने देखने लगते हैं| वर्तमान समय में
शायद ऐसा ही कोई व्यक्ति होगा जो शानदार व्यक्तित्व का धनी एवं मालिक ना
बनना  चाहता होगा|  यदि आपकी पर्सनैलिटी याने व्यक्तित्व साधारण एवं
निम्न स्तर का है, तो आपको अपने व्यक्तित्व को निखारना ही होगा, तब जाकर
आप किसी अच्छे पद,व्यवसाय किसी महान  लक्ष्य  को संचालित कर सकते हैं|
ऐसे में आप यदि नकारात्मक सोच के व्यक्ति हैं तो आपको अपने व्यक्तित्व
निर्माण में काफी कठिनाई का सामना करना पड़  सकता है,| नकारात्मक सोच के
व्यक्ति को हमेशा कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, और उसे
इन्हीं परेशानियों का निदान भी सूझता नहीं है,पर जिनका का सकारात्मक
रवैया होता है,उन्हें हर कठिनाई, परेशानी में निदान के उपाय एवं तरीके
अपने सूझ बुझ से निकालने का फार्मूला मालूम होता है, ऐसे व्यक्तियों का
काम कभी रुकता नहीं और वे निर्बाध गति से आगे बढ़ते जाते हैं|

                                       यह सर्वविदित सत्य है की आपका
संव्यवहार  आपके व्यक्तित्व का दर्पण होता है| हर कार्य  के संचालन
संपादन में आपके व्यक्तित्व की  परछाई स्पष्ट परिलक्षित होती है, आपका
व्यवहार आपके चरित्र तथा स्वभाव के बारे में सब कुछ बता देता है, और उसका
इसका बड़ा व्यापक प्रभाव भी दृष्टिगोचर होता है, व्यक्तित्व विकास न
सिर्फ आपकी निजी जिंदगी में प्रभाव डालता है वरन  आपकी व्यवसाय और लक्ष्य
में भी सकारात्मक एवं प्रभावकारी होता है| जब आप एक अच्छे व्यक्तित्व और
सकारात्मक विचार वान व्यक्ति होते हैं तो आप काफी  उत्साही एवं
आत्मविश्वास से भरपूर भी हो सकते हैं, और आत्मविश्वास से परिपूर्ण
व्यक्ति जिंदगी में हर मुश्किल को पार कर एक सफल व्यक्तित्व का धनी हो
जाता है| उसे हर जगह सफलता ही सफलता प्राप्त होती है| सफल व्यक्तित्व
बनाने के लिए आप अपने व्यवहार को अत्यंत नम्र, शालीन और आत्मविश्वास से
भरा ही रखें, किसी भी व्यक्ति से चाहे छोटा हो बड़ा हो अमीर हो गरीब हो
मिलते समय उसका यथा योग्य अभिवादन शिष्टाचार पूर्वक अवश्य करें| इससे
आपकी  पहुंच एवं प्रभाव का  दायरा विस्तृत होने लगेगा, सफलता ही सफलता से
आप आगे बढ़ने लगेंगे, किसी भी व्यक्ति से अशिष्टतापूर्वक  व्यवहार न करें
,आपको यदि यह महसूस होता है कि सामने वाला कुछ गलती पर है या गलत कार्य
कर रहा है तो उस पर नाराज ही जाए ना कर उसे बड़े ठंडे दिमाग से समझाई
दीजिए, इससे आपका प्रभाव गलत ना होकर शानदार होने लगेगा||

                                    प्रभावशाली व्यक्तित्व के निर्माण
में समय की प्रतिबद्धता एवं समय पर कार्य करने की अदम्य लालसा का बड़ा
महत्व है| यदि आप सही समय पर सही कार्य करेंगे एवं अपने संपूर्ण कार्य
समय पर प्रतिपादित करने की आदत डालेंगे, तो कार्यों की सफलता की एक तरह
से  संपूर्णता दिखाई देने लगती है यदि कहीं मीटिंग या किसी व्यक्ति को
अपने समय दिया है तो आप वहां समय पर ही पहुंच कर मीटिंग का संपादन करें,
आज के युग में किसी को किसी का इंतजार करना  पसंद नहीं आता है| ऐसे में
काम की सफलता की गुंजाइश कम हो जाती है| और किसी को किसी भी कार्य के लिए
इंतजार करवाना अच्छे व्यक्तित्व के निर्माण के प्रतिकूल प्रभाव डालता
है,| यदि आप नौकरी में हैं,व्यवसाय में हैं या जन प्रतिनिधि हैं, तो
लोगों की बातें सुनने का आप में पर्याप्त संयम भी होना चाहिए, यदि आप
किसी व्यक्ति की बातें धैर्य पूर्वक सुनते हैं तो उसे आपका व्यक्तित्व
प्रभावशाली लगता है एवं कार्य की सफलता में संदेह नहीं रह जाता| अनावश्यक
किसी भी व्यक्ति से बिना उसकी बात सुने समझे बहस करने की थोड़ी भी
गुंजाइश ना रखें, अन्यथा कार्य विपरीत स्वरूप भी ले सकता है|सामने वाला
व्यक्ति यदि सचमुच गलत है तो ही अपनी बात आप रखें या बोले, इसमें
महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि आप अपनी शक्ति एवं दुर्बलताओं को अच्छे से
पहचाने और जाने| आपको जब अपनी शक्ति और क्षमता का पता होगा तो आप उस
कार्य को अच्छे से कर पाएंगे एवं इससे आपके आत्मविश्वास में भी वृद्धि
होगी, और अपनी कमजोरियों को सफलता के पीछे सुधार करने में सफल भी होंगे|
आप प्रयास करें कि हमेशा मुस्कुराहट आपके चेहरे पर हो एवं आपका  चेहरा
चिड़चिड़ा या परेशान ना दिखाई दे, क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा का एक बड़ा
प्रतीक है|यह सफलता में कठिनाई पैदा करने वाला  कारक माना जाता है|
मुस्कुराते हुए चेहरे से लोग प्रसन्न होकर उसकी बात सुनना चाहेंगे और यही
एक ऐसा तत्व है जो आपके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देगा और आपकी सफलता
में कोई गुंजाइश नहीं रह जाएगी| मुस्कुराते हुए चेहरे के आचरण को लोग
ज्यादा पसंद करते हैं अपना मित्र भी बनाना चाहेंगे|,

                                          आप जो भी कार्य करते हैं
पढ़ते हैं नौकरी करते हैं,  व्यवसाय या समाज सेवा करते हैं, उसके संबंध
में आपके पास गहरी और संपूर्ण जानकारी होना चाहिए| अधूरा ज्ञान बहुत ही
खतरनाक और असमंजस निर्माण करने वाला होता है और कार्य की सफलता में संदेह
भी पैदा करता है| क्योंकि अधूरी जानकारी आपके काम करने की प्रणाली पर
सवालिया निशान लगा देती  है| इसमें आप फिर जवाब देने की स्थिति में भी
नहीं रह पाएंगे| अधूरा ज्ञान नकारात्मक होकर आपके आत्मविश्वास को भी
डगमगा देता है| आप फिर उस कार्य को करने में डरने लगेगे| इसलिए किसी
कार्य को करने के पूर्व उसके प्रति अच्छी जानकारी सम्यक रूप से होमवर्क
की तरह कर ले| और सदैव कार्यों की प्राथमिकता तैयार रखें आसान एवं सरल
कार्य पहले संपादित करें, जिससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि हो सके फिर
काम के लिए आप अपनी तैयारियां पूर्ण कर सकेंगे, आपका आसान काम करने के
बाद का आत्मविश्वास आपको कठिन कार्य करने के लिए उत्प्रेरित करेगा और
कठिन कार्य करने में आप  आसानी एवं सरलता महसूस  करने लगेंगे| किसी भी
कार्य को करने से पहले  बिल्कुल भी किंचित मात्र भयभीत ना हो क्योंकि डर
के कारण कई काम स्वतः  बिगड़ जाते हैं|, अतः काम करने से पूर्व निडर होकर
कार्य करें क्योंकि गलतियां तो इंसान से ही होती हैं, और जो ज्यादा काम
करता है उससे ज्यादा गलती की संभावना होती है | ऐसे में किसी भी तरह के
डर या चिंता से मुक्त रहकर अपने कार्य को निष्पादित करें, सफलता आपकी
पर्सनालिटी को देखते हुए आपके सामने होगी|

                                    शानदार व्यक्तित्व के विकास में समय
का उपयोग और अनुप्रयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है| यदि आप समय का सदुपयोग
अच्छे से करते हैं तो आधी सफलता आपके सामने होती है| संपूर्ण आत्मविश्वास
के साथ इस कार्य को किस समय करना है, यह आपके समझ में जल्दी आ जाता है तो
आपका सफलता का ग्राफ बहुत जल्दी ऊपर की ओर जाने लगेगा, क्योंकि समय की
कीमत जो व्यक्ति जानता है समय उसकी इज्जत करता है| और उसे सफलता की
सीढ़ियां चढ़ने से कोई रोक नहीं सकता, समय का अनुशासन सबसे बड़ा सबक है,
काम को सही समय में करना एक तरह की बड़ी ईमानदारी मानी जाती है| यदि आप
समय के प्रति प्रतिबद्ध हैं एवं ईमानदारी से कार्य करने की हिमायती हैं
तो आपको सफल व्यक्तित्व की श्रेणी में लाने से कोई रोक नहीं सकता,इसी तरह
अप एक अच्छे राष्ट्र के निर्माण में योगदान भी कर सकते हैं |



 संजीव ठाकुर, कवि, कथाकार, चौबे कॉलोनी, रायपुर, छत्तीसगढ़,

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