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बिजली का बिल और स्कूलों की फीस माफ करने की मांग को मिल रहा पूर्ण समर्थन

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जबलपुर। कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के चलते जो लॉग बंजारी है उसने न केवल व्यापारियों की बल्कि पूरे के पूरे समाज के आर्थिक जगह की कमर तोड़कर रख दी है ऐसी स्थिति में आम आदमी जो मध्यम वर्ग से संबंध रखता है उसकी चिंताएं बढ़ना लाजमी है चाहे वह बैंक की ईएमआई हो या फिर स्कूलों की फीस बिजली के बिल एमआई के लिए तो सरकार ने मोहलत दी है लेकिन स्कूलों की फीस और बिजली के बिल माफ कराने के लिए मांग उठाती जा रही है।
सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को सख्त हिदायत दी थी कि विगत 2 माह की फीस अभिभावकों से ना वसूली जाए।
आखिर स्कूल माफिया के सामने झुकी प्रदेश की सरकार बहुत ही आश्चर्य का विषय है कि लगभग 2 माह से आम जनता लॉक डाउन के चलते अपने घरों में बंद है उनके पास आय का जरिया कोई नहीं , ऐसे समय में भी सरकार स्कूलों को फीस माफ करने का आदेश तक नहीं दे रही और ना ही बिजली बिल माफ करने का समझ नहीं आता ,यह सरकारों को अपने करोड़ों वोटरों की अपेक्षा नाम मात्र के स्कूल संचालकों से कैसा प्रेम उनके दबाव में वह उन करोड़ों जनता के दुख दर्द को भूल जाते हैं जो उन्हें वोट देती है आज आम जनता को स्कूल की फीस माफ कर और बिजली का बिल माफ कर राहत नहीं दी जा रही है जनता में त्राहि-त्राहि मची है । राशन वितरण में धांधली संभाले नहीं संभल रही । भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा अलग ही समझ आ रही है भ्रष्टाचार चरम पर है कोई देखने सुनने वाला नहीं, कोरोनावायरस के बहाने किसी को कुछ बोलने और सुनने की आजादी नहीं बहाना जो है कोरोनावायरस का । केंद्र सरकार ने भी ना जाने कैसे 20 लाख करोड़ का पैकेज घोषित किया जिसमें ना तो स्कूल की फीस माफ करने और बिजली बिल माफ करना उचित कदम उठाए।।जब जनता कहीं जा नहीं रही स्वभाविक है कि केवल घर पर ही रहेगी ऐसे में कूलर ,पंखा ,टीवी, फ्रिज, ऐ.सी. लाइट इत्यादि बिजली से चलने वाली वस्तुओं का उपभोग ज्यादा होगा और बिजली ज्यादा खर्च होगी इससे बिजली बिल भी अधिक आएगा लगता है ना तो केंद्र सरकार के पास और ना ही प्रदेश सरकार के पास कोई आर्थिक सलाहकार है जो उन्हें जनता की समस्याओं को अवगत करा सके मैं जनप्रतिनिधियों से विधायक सांसद पार्षदों से अनुरोध करता हूं कृपया वे पत्र लिखकर के प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से स्कूल फीस माफ करने और बिजली बिल माफ करने की मांग रखें ,,जिससे की जनता राहत की सांस ले और ना जाने लाक डाउन और कितने दिन तक रहेगा क्या जनता ऐसे ही दुख दर्द सहती रहेगी, सरकार गरीबों मजदूरों को भी सहयोग नहीं कर रही ,””मध्यम वर्ग परिवार “”उसकी नजरों में है ही नहीं सिर्फ चुनाव के समय है यह सब याद आते हैं ।
“” मध्यमवर्ग ‘””की चिंता तो केंद्र व प्रदेश सरकार करती ही नहीं , उन्हें शासकीय दस्तावेजों में भी “मध्यमवर्ग “””को समाप्त कर देना चाहिए,, मात्र गरीबी रेखा के अंतर्गत आनेवाले और धनवान दो ही वर्ग तय करना चाहिए । सरकार को “”स्कूलफीस माफ “”करने और बिजली बिल माफ करने जैसे कड़े निर्णय लेने ही होंगे , अन्यथा ऐसे स्कूलों पर जो स्कूली नियमों में अनफिट हैं नियमानुसार कार्रवाई कर उनकी मान्यता रद्द करें , वरना प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा।
जब जनता को ही अपने भी सब व्यवस्थाएं करनी है तो फिर काहे की प्रदेश और केंद्र की सरकार ,, सरकार को जमीन पर उतर कर वास्तव में देखना चाहिए की आम जनता को कितना कष्ट है ?? कितनी समस्याओं का सामना कर रही है यदि आम जनता पीएम और सीएम की बात सुन रही है तो पीएम और सीएम को भी आम जनता की बातों को सुन कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए ।
जनता की आवाज है”बिजली बिल” स्कूल फीस माफ “करना ही होगा।

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