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महाराष्ट्र सरकार का पांच दिवसीय सरकारी सप्ताह

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ऐतिहासिक निर्णय

महाराष्ट्र सरकार जरूरती सेवाएं मतलब सरकारी अस्पताल , पुलिस दल , चिकिस्तालय , वैद्यकीय महाविद्यालय, पुलिस
कारागृह , स्कुल, स्थाई और अस्थाई अस्थापना , दमकल दल , तंत्रज्ञान ,वन विभाग , सरकारी मुद्रणालय ,दुध योजना , रोजंदारी के क्षेत्रीय कर्मचारी एवं मजदूर , पाणी सप्लाई योजना , सफाई मजदूर , डहानु की अभिन्न इकाईयां , पुना का फ़ोटो रजिस्टर ऑफिस , नागपुर व्हक्सिन इंस्टिट्यूट , अलापल्ली स्वा मिल , राजस्व एवं वाटिका विभाग , आंतरिक बल्लारशा , बल्लारशा कार्यशाला , परतवाडा एवम्
सभी आय टी आय की छोड़ संक्षिप्त में प्रशासनिक स्वरुप के दप्तर को 5 दिन का सरकारी सप्ताह करने का इतिहासीक निर्णय
माननिय मुख्यमंत्री श्री. उद्धव ठाकरे की हाल ही ने हुईं मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया . वैसे यह काफी सराहनीय और स्वागर्तह निर्णय है .इस निर्णय के अंतर्गत सामान सेवा नियम , समान काम , समान योग्यता और समान वेतन जैसी कई बाते अतंगत र्है .जिस कारण केंद्रीय सरकार ने प्रशासनिक निर्णय लेते ही .वह राज्य सरकार ने तुरंत अमल में लाना उचित होगा . को महाराष्ट्र सरकार ने यह निर्णय लेने के लिए सरकारी अधिकारी उनकी संघटनाए , कर्मचारी इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं . क्यु के उनका कई सालो का यह सपना था . पर इस निर्णय से लोगो में मिले जुले विचार है .अपने को आनेवाले अनुभव से इंसान अपना मत बना लेता है .कोई भी सरकारी उपक्रम , सरकारी दप्तरे ,एवम् सेवाओं में आम लोगों को ही नहीं बल्कि एक दुसरे से काम करके लेते वक्त आनेवाले अनुभव यह शायद ही सुख के पल लाते है .यह स्त्य हैै . उसी कारण यदि कोई इच्छारहित , मुस्तैद ,
लोकाभिमुख अफसर का तबादला वक़्त के पहले किया गया तो आज के तारीख़ में उस बारे में तुरंत कॉमेंट्स आते हैं ,लोगो ने रोष भी पैदा होता हैं . ऐसे में उद्धव ठाकरे जी की यह पहल जरूर मुबारक पहल साबित होंगी .

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