डिंडोरी, जबलपुर दर्पण न्यूज। डिंडौरी के शहपुरा में आयोजित पेसा जागरूकता सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले कन्यापूजन व दीप प्रज्ज्वलित करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ. मोहन यादव, ओमप्रकाश धुर्वे तथा अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 50 साल राज किया, लेकिन जनजातीय भाई-बहनों को अधिकार नहीं दिया, जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पेसा एक्ट लागू किया। पेसा एक्ट लागू होने के बाद अब जनजातीय भाई-बहनों की जमीन विकास के लिए ग्रामसभा की अनुमति के बिना सरकार नहीं ले सकेगी, बहला-फुसलाकर किसी जनजातीय भाई-बहन की जमीन कोई नहीं ले सकेगा। कोई ऐसा कर भी ले तो ग्रामसभा उस पर वापस कब्जा दिलायेगी, अब ग्राम सभा तय करेगी कि सालभर पंचायत में जो पैसा आएगा उससे क्या काम होना चाहिए। गांव में शराब की दुकान खुलेगी या नहीं यह ग्रामसभा तय करेगी, सरकार नहीं। गांवों के तालाबों के प्रबंधन का अधिकार भी अब ग्राम सभाओं के पास होगा और इससे होने वाली आय पर भी ग्रामसभा का ही अधिकार होगा, यदि ग्रामसभा स्वयं तेंदूपत्ता को तोड़वाने का निर्णय लेगी, तो सरकार सहयोग करेगी। तेंदूपत्ता को तोड़ने से लेकर उसका मूल्य तय करने और बेचने का भी अधिकार ग्राम सभा का ही होगा। मस्टर रोल भी अब ग्राम सभा में रखा जायेगा, ताकि काम करने वाले मजदूरों को ही मजदूरी मिले, उनके नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति पैसा न खाने पाये। गांव में मनरेगा में जो श्रमिक मजदूरी करते हैं, उनको पूरी मजदूरी मिले, इसकी भी जवाबदेही ग्राम सभा की होगी। यदि किसी ने सरकार द्वारा निर्धारित दरों से अधिक दर पर कर्ज दिया, तो वह पूरा कर्ज माफ कर दिया जायेगा। गांव में शांति निवारण समिति बनेगी, जो गांव में होने वाले छोटे-मोटे झगड़ों को निपटाने का कार्य करेगी, केवल बड़े मामले ही थाने तक जायेंगे, ऐसे मामलों को भी थाने पहले ग्राम सभा को सूचित करेंगे। शहपुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल के रूप में बदल दिया जायेगा, ताकि इलाज की व्यवस्था और बेहतर हो सके।
Related Posts