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कमलनाथ के नेतृत्व में ओबीसी को अधिकार दिलाने लगातार प्रयासरत

आरक्षण दिलाने कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक करेंगी संघर्ष

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डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। मध्यप्रदेश में हो रहे पंचायत चुनाव को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को समाप्त कर चुनाव कराने का निर्देश दिए हैं। लेकिन मध्यप्रदेश में ओबीसी विरोधी चेहरा पेश किया है, अगर मध्य प्रदेश सरकार जोरदार तरीके से माननीय न्यायालय में ओबीसी वर्ग का पक्ष रखती तो आरक्षण समाप्त होने की नौबत नहीं आती। माननीय उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र के मामले का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को निरस्त किया है, लेकिन शिवराज सिंह चौहान सरकार ने माननीय उच्चतम न्यायालय में इस बात को सही तरीके से नहीं रख सकी। आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस की सोच हमेशा से आरक्षण को समाप्त करने की रही है। मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने 6 दिसंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्पष्ट शब्दों में सार्वजनिक कर दिया था, संबंधित पक्षकार निजी हैसियत में माननीय अदालत में गए थे।कांग्रेस पार्टी ने ग्राम पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के असवैधानिक पक्षों का विरोध किया, उन्हें सार्वजनिक किया था, लेकिन कांग्रेस ने चुनाव का विरोध नहीं किया। आरक्षण के मामले में हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई में भी सरकार की ओर से वकील पेश नहीं हुए और मामले की सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए टल गई।

अदालत में सरकार पर सही ढंग से पैरवी ना करने के आरोप :- प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि वर्ष 2003 में जब कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था , तब भी भाजपा की सरकार ने अदालत में ढंग से पैरवी ना करके आरक्षण को समाप्त करने पर बल दिया। ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया तो उसे भी समाप्त कराने के लिए भाजपा सरकार जानबूझकर उच्च न्यायालय में सही तरीके से पैरवी नहीं कर रही है। यही तरीका पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण निरस्त कराने के लिए भी शिवराज सरकार ने अपनाया है। आरएसएस के नेता समय – समय पर आरक्षण की समीक्षा और आरक्षण को खत्म करने के बयान जारी करते हैं, इसीलिए भारतीय जनता पार्टी ने जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में ऐसी असंवैधानिक गलतियां छोड़ दी थी। भाजपा सरकार को इस मामले में सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करके तत्काल कार्यवाही करनी चाहिए थी, ताकि ओबीसी वर्ग के लोगों को पंचायत में उनका हक मिल सके। बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश के ओबीसी वर्ग को उसका हक दिलवाने के लिए कृत संकल्प है। कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी और सामाजिक न्याय की लड़ाई को जारी रखेगी।

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