जबलपुर दर्पण

सेफ़ क्लिक अभियान 2.0: जबलपुर पुलिस का साइबर सुरक्षा जनजागरूकता अभियान

एसपी सम्पत उपाध्याय ने की व्हाट्सऐप सुरक्षा अपनाने की अपील

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार संचालित “सेफ़ क्लिक अभियान 2.0” के तहत जिले से लेकर ग्रामीण थाना क्षेत्रों तक साइबर सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने जिलेवासियों से व्हाट्सऐप का सुरक्षित उपयोग करने और साइबर ठगी से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़ा आर्थिक और व्यक्तिगत नुकसान पहुंचा सकती है।

एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी ओटीपी, फर्जी लिंक, नकली ऐप, स्क्रीन शेयरिंग और सोशल इंजीनियरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग कर लोगों के व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर रहे हैं। इसके बाद वे पीड़ित के परिचितों से पैसे मांगने, निजी जानकारी चुराने और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहना और साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करना आवश्यक है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आदित्य सिंघानिया (आईपीएस) तथा थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को के मार्गदर्शन में सिहोरा क्षेत्र में लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुराने बस स्टैंड, नए बस स्टैंड, मझौली बाईपास, स्कूलों, कॉलेजों तथा बैंक शाखाओं में नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुराने बस स्टैंड पर उप निरीक्षक के.पी. पाण्डे एवं पुलिस स्टाफ ने आमजन को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। वहीं नए बस स्टैंड स्थित स्टेडियम में उप निरीक्षक विनोद बागरी, वरिष्ठ आरक्षक नीरज चौरसिया, आरक्षक देवराज तथा स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

व्हाट्सऐप हैक कैसे होता है?

  • ओटीपी या 6 अंकों का वेरिफिकेशन कोड पूछकर।
  • फर्जी लिंक पर क्लिक करवाकर।
  • नकली व्हाट्सऐप या एपीकेऐप डाउनलोड करवाकर।
  • स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करवाकर।
  • बिना जानकारी के व्हाट्सएप वेब को किसी अन्य डिवाइस से लिंक कर।
  • बैंक, पुलिस, कंपनी या परिचित बनकर सोशल इंजीनियरिंग के जरिए विश्वास जीतकर।

व्हाट्सऐप सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

  • व्हाट्सऐप को हमेशा अपडेट रखें।
  • ओटीपी, वेरिफिकेशन कोड या पिन किसी के साथ साझा न करें।
  • संदिग्ध लिंक, अज्ञात अटैचमेंट और एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
  • केवल अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप्लीकेशन डाउनलोड करें।
  • टू-स्टेप वेरिफिकेशन अवश्य चालू करें।
  • ऑटोमैटिक मीडिया डाउनलोड बंद रखें।
  • समय-समय पर लिंक्ड डिवाइस की जांच करें और अनजान डिवाइस को तुरंत लॉग आउट करें।
  • मोबाइल का ऑपरेटिंग सिस्टम और अन्य ऐप्स नियमित रूप से अपडेट करते रहें।

यदि व्हाट्सऐप हैक हो जाए तो क्या करें?

  • तुरंत अपने मोबाइल नंबर से दोबारा व्हाट्सऐप लॉग-इन करें।
  • ओटीपी मिलने पर नया लॉग-इन करने से अन्य सभी डिवाइस स्वतः लॉग आउट हो जाएंगे।
  • तुरंत टू-स्टेप वेरिफिकेशन सक्रिय करें।
  • अपने परिवार, मित्रों और परिचितों को सूचित करें कि आपके नंबर से पैसे मांगने वाले किसी भी संदेश पर विश्वास न करें।
  • यदि बैंकिंग या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा हुई हो तो संबंधित बैंक एवं संस्थानों को तुरंत सूचित करें।
  • राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या एलसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें।
  • आवश्यकता पड़ने पर निकटतम पुलिस थाना या साइबर हेल्प डेस्क से संपर्क करें।

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सूर्यकांत शर्मा ने जिलेवासियों से अपील की है कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय पूरी सतर्कता बरतें। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराकर स्वयं, अपने परिवार और अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88