ऑटिज्म व मानसिक मंद बच्चों के विकास में अभिभावकों की है महत्वपूर्ण भूमिका

जबलपुर दर्पण। ऑटिज्म और मानसिक मंद बच्चों के विकास में उनके अभिभावकों और परिजनों की महती भूमिका है। अतः अभिभावकों को प्रशिक्षित कर इनके विकास को गति दी जा सकती है। उक्त उद्गार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत संघ चालक डॉ . प्रदीप दुबे ने सनराइज एकेडमी फॉर स्पेशल नीड चिल्ड्रन द्वारा आयोजित अभिभावक प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। कार्यक्रम अध्यक्ष व राज्य शिक्षा सलाहकार डॉ. श्रद्धा तिवारी ने कहा कि इन बच्चों की क्षमता का परीक्षण कर उनकी बुद्धिलब्धी के अनुसार विविध मनोवैज्ञानिक तकनीकों और साइको थेरेपी के द्वारा इनकी अंतर्निहित प्रतिभाओं को विकसित कर इन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। विषय विशेषज्ञ के रूप में अहमद सिद्दीकी दिल्ली, डॉक्टर सीतांशु लखनऊ,आदित्य तिवारी इंदौर के साथ ही जबलपुर से डॉ.राम नरेश पटेल,कविता शर्मा व संदीप साहू ने अभिभावकों का मार्गदर्शन किया। आयोजन में आर के नेमा, डॉ. एच.पी.तिवारी,विनोद कुमार कुलस्ते , उमेश सोनी,राशि जोश, अतुल ताम्रकार,पूनम ताम्रकार,विलास साहू,हरीश सिंह,जीवेश पांडे व सचिन खन्ना सहित बड़ी संख्या में विशेष शिक्षक, अभिभावक व बच्चे उपस्थित थे।



