गोपियों को दिए वचन को पूरा करने के लिए हुआ महारास

पं. शिवम शुक्ल जी महाराज ने रुक्मिणी विवाह की कथा का किया वर्णन
जबलपुर दर्पण। काशी कुंज कॉलोनी, साईं आटो मित्र के पीछे ग्वारीघाट रोड पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक पं. शिवम शुक्ल जी महाराज ने रासलीला, कंसवध, रुक्मिणी विवाह की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा िक गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण से उन्हें पति रूप में पाने की इच्छा प्रकट की। भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों की इस कामना को पूरी करने का वचन दिया। अपने वचन को पूरा करने के लिए भगवान ने महारास का आयोजन किया। इसके लिए शरद पूर्णिमा की रात को यमुना तट पर गोपियों को मिलने के लिए कहा गया। सभी गोपियां सज-धजकर नियत समय पर यमुना तट पर पहुंच गईं। कृष्ण की बांसुरी की धुन सुनकर सभी गोपियां अपनी सुध-बुध खोकर कृष्ण के पास पहुंच गईं। उन सभी गोपियों के मन में कृष्ण के नजदीक जाने, उनसे प्रेम करने का भाव तो जागा, लेकिन यह पूरी तरह वासना रहित था। इसके बाद भगवान ने रास आरंभ किया। माना जाता है कि वृंदावन स्थित निधिवन ही वह स्थान है, जहां श्रीकृष्ण ने महारास रचाया था। यहां भगवान ने एक अद्भुत लीला दिखाई थी, जितनी गोपियां उतने ही श्रीकृष्ण के प्रतिरूप प्रकट हो गए। सभी गोपियों को उनका कृष्ण मिल गया और दिव्य नृत्य व प्रेमानंद शुरू हुआ।
रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुए महाराजश्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सभी राजाओं को हराकर विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी को द्वारका में लाकर उनका विधिपूर्वक पाणिग्रहण किया। मौके पर आयोजक मंडली की ओर से आकर्षक वेश-भूषा में श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह की झांकी प्रस्तुत कर विवाह संस्कार की रस्मों को पूरा किया गया। कथा के साथ-साथ भजन संगीत भी प्रस्तुत किया गया। व्यासपीठ का पूजन आयोजन अशोक अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, ज्ञान अग्रवाल, शैलेष अग्रवाल, आशुतोष अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, अजय अग्रवाल, अखिलेश अग्रवाल, अनुभव अग्रवाल आदि ने किया।आज कथा सुनने वालों में प्रदेश संयोजक भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ शरद अग्रवाल जी, महामंत्री नगर भाजपा पंकज दुबे जी ,भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह ठाकुर जी, महापौर जगत प्रकाश सिंह उर्फ़ अन्नू जी आदि मौजूद रहे।



