घटिया निर्माण की वजह से पानी की सप्लाई से पहले ही नहर के उड़े परखच्चे,आनन फानन में ठेकेदार के द्वारा नहर की रिपेयरिंग शुरू..!

एन.वी.डी.ए विभाग के अधिकारी ही बने ठेकेदार
पाटन,जबलपुर दर्पण। प्रदेश सरकार किसानों के हितों को देखते हुए किसानी से संबधित विकास कार्यों के लिए करोड़ों रूपए का फंड विभागों को आवंटन करती है। प्राय: देखा गया है कि विभागों से जारी राशि का बंदरबांट जनप्रतिनिधियों की सांठगांठ एवं अधिकारियों की मिली भगत से ही किया जाता है।
ऐसा ही एक मामला रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना जबलपुर के अंतर्गत मोहनतारा टेल माइनर की सब माइनर न 3 में 70.12 लाख की लागत से सीमेंट लाइनिंग कार्य का भूमि पूजन दिनांक 6 फरवरी 2022 को विधायक अजय विश्नोई के द्वारा किया गया था। चुकी नहर परियोजनाओ के काम करने वाले ठेकेदार भी माननीय के बेहद करीबी थे और माननीय का संरक्षण मिलने के कारण वह ठेकेदार विभाग के नियमों की अनदेखी करके घटिया मटेरियल इस्तेमाल करके गुणवत्ता विहीन नहर का निर्माण कर दिया जो नहर अभी चालू भी नहीं हुई और जगह-जगह दरारें पड़ गई कंक्रीट चटक कर झड़ने लगी इससे साफ जाहिर होता है निर्माण के दौरान नहर में घटिया मटीरियल का इस्तेमाल किया गया विधायक श्री विश्नोई का कही न कही अधिकारियों पर बहुत अधिक दवाब था जिसके कारण जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी आंखे मूद ली।
मीडिया में लगातार पाटन विधान सभा क्षेत्र के विकास कार्यों के घोटालों की खबरें प्रकाशित हो रही है और आम नागरिकों के द्वारा भी 181 एवं पत्र के माध्यम से शिकायत की जा रही है तभी से पाटन विधान सभा के भ्रष्टाचारियों के पसीने छूट रहे हैं एवं पूर्व में इन ठेकेदारों के द्वारा किए गए घटिया निर्माण कार्य की शिकायतों की जांच के आदेश जिला कलेक्टर ने दिए हैं। इससे भी ठेकेदारों की सांसें फूल रही हैं। इन सब घटाना क्रमो को देखते हुए नहर निर्माण करने वाली एजेंसी ने आनन-फानन में नवनिर्मित नहर में सीमेंट के थिगड़े लगाने शुरू कर दिए।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग में 34% कमी तो विभाग के कमीशनखोर अधिकारियों ही खा जाते है बाकी 10% राशि पर जनप्रतिनिधियों की आंखें गड़ी रहती हैं इसके साथ ही 10 % राशि टैक्स आदि में कट जाती है जो कुल मिलाकर 54% होती है अब बाकी बची राशि जो लगभग 46% होती है इसी में निर्माण कार्य करना होता है इसी राशि में से ठेकेदार को प्रॉफिट भी निकालना होता है। यही प्रमुख वजह है पाटन विधान सभा क्षेत्र में गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य किए जा रहे है। हालाकि लगभग सभी ठेकेदार माननीय के बेहद करीबी है जिनका माला पहनाकर माननीय खुद सम्मान करते है और ठेकेदार भी खुले मंच पर चरण वदन करने से पीछे नहीं हटते है।
नहर के संबंध में एक किसान से बात की तो उसने बताया कि आप कितनी भी शिकायत कर दो जब तक अजय भैया है कोई कुछ नहीं कर सकता। ये काम तो दिख रहा है कुछ काम तो अदृश्य है फिर भी ठेकेदार को पूरा भुगतान हो गया।
जब इस संबंध में रानी अवंतीबाई सागर परियोजना के एसडीओ श्री खत्री से बात करने की कोशिश की तो उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त नहर का निर्माण कार्य साक्षी ट्रेडर्स ने किया है एवं फर्म के असली मालिक एसडीओ खत्री ही है। फर्म के सारे निर्णय श्री खत्री के द्वारा लिए जाते है। कानूनी दांव पेच से बचने के लिए फर्म का मालिक शासकीय दस्तावेजों में किसी अन्य व्यक्ति को बनाया है जिससे कभी जांच हो तो यह आसानी से बच निकले जब विभाग के कमीशनखोर अधिकारी ही ठेकेदारी करने लगे तो ऐसे ही नहरों का निर्माण होगा। नहर की जॉच एवं दोषियों पर कार्यवाही की उम्मीद हम अपने चुने हुए जनप्रतिनिधि से नहीं कर सकते..!





