स्थानांतरण के बावजूद कुर्सी मोह नहीं छोड़ रहे जनपद सीईओ, शासन आदेश की खुली अवहेलना


कटनी जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिनांक 6 जून 2025 को जारी स्थानांतरण आदेशों के बावजूद रीठी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) चंदूलाल पनिका अब तक पदभार नहीं छोड़ रहे हैं, जिससे शासन के आदेशों की अवहेलना और प्रशासनिक अनुशासनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। शासन के पत्र क्रमांक 690/2025/वि-5/22/स्था. के अनुसार, सीईओ चंदूलाल पनिका का स्थानांतरण जनपद पंचायत सीधी (जिला सीधी) में किया गया है, जबकि राजेश नरेंद्र सिंह, जो पूर्व में हर्रई, जिला छिंदवाड़ा में पदस्थ थे, को रीठी जनपद पंचायत का नया सीईओ नियुक्त किया गया है।
दोनों अधिकारी पद पर डटे – विभागीय आदेश ठंडे बस्ते में शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद दोनों ही अधिकारी अपने-अपने पूर्व पदों से हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे रीठी जनपद पंचायत में प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस बीच, जनपद के स्थानांतरित सचिवगण पहले ही अपनी नवीन पदस्थापना वाले पंचायत क्षेत्रों में कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। वहीं, विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, रीठी के पूर्व सीईओ चंदूलाल पनिका अब भी कार्यालय समय के बाद फाइलों का निपटान कर रहे हैं, जिससे उनके कार्यशैली और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थिति से नाराज़ कर्मचारी संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि शासन के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना न केवल प्रशासनिक अनुशासन को धता बता रही है, बल्कि इससे अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों में भी भ्रम और असंतोष का माहौल बन रहा है।
एक संगठन पदाधिकारी ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा:
जब शासन द्वारा स्थानांतरण कर दिया गया है तो अधिकारियों को तत्काल नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करना चाहिए। कुर्सी से चिपके रहना न सिर्फ शासन के आदेश की अवहेलना है, बल्कि यह पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान है।”इस पूरे मामले में वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी भी हैरान कर रही है। पंद्रह दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी न तो कार्यभार परिवर्तन की कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है, और न ही इस अनुशासनहीनता पर कोई कार्रवाई।
अब देखना यह होगा कि शासन कुर्सी मोह में फंसे अधिकारियों पर कब सख्ती से अमल करता है, या फिर यह मामला अनदेखी की भेंट चढ़ता रहेगा।



