सीधी विधायक पीए की पत्नी चला रही स्वसहायता समूह

सीधी जबलपुर दर्पण । जिले में मध्यान भोजन योजना में जमकर मनमानी की जा रही है, अब तो समूह संचालन में नियमों को भी ठेंगा दिखाया जा रहा है, कुछ इसी तरह का मामला सीधी जनपद अंतर्गत संचालित पार्वती स्वसहायता समूह का सामने आया है। जहां एक शिक्षक की पत्नी समूह अध्यक्ष हैं और अनुबंध समाप्त होने के बाद भी वितरण का कार्य राजनैतिक दबाव में निरंतर किया जा रहा है।
उल्लेखनीय हैं कि सीधी विधायक के पीए हीरालाल यादव द्वारा विधायक की आड़ में जमकर पद का दुरूपयोग किया जा रहा है, ग्राम पंचायत चौफाल कोठार की सरपंच शोभा यादव सहित पंचायत के पंचों एवं ग्रामीणों द्वारा कई बार जिम्मेवार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन पीए के राजनैतिक दबाव के चलते हर बार शिकायत शून्य हो जाती है।
हैरानी की बात यह है कि विधायक पीए हीरालाल यादव जो पेशे से शिक्षक हैं और उनकी पत्नी पार्वती स्वसहायता समूह की अध्यक्ष हैं, जबकि नियमानुसार शासकीय कर्मचारी के घर का कोई भी सदस्य स्वसहायता समूह का अध्यक्ष नहीं बन सकता है लेकिन यहां सरकार के सारे नियम कानून कागजों में दफन हो गए हैं। खास बात यह है कि जिला पंचायत सीईओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए समूह का अनुबंध 07 जुलाई 2025 को समाप्त कर दिया है लेकिन अनुबंध समाप्त होने के बाद भी पार्वती स्वसहायता समूह द्वारा आंगनवाड़ी केंद्र एवं माध्यमिक शाला छिउलहा में अनवरत रूप से भोजन परोसा जा रहा है।
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सीधी विधायक की छवि हो रही धूमिल
सीधी विधायक के पीए हीरालाल यादव द्वारा ग्राम पंचायत चौफाल कोठार में जमकर मनमानी की जा रही है, सरपंच से विधायक पीए की अनबन होने के चलते वह खुली चेतावनी दी है कि पूरे पांच साल एक भी रुपए का कार्य नहीं करने दूंगा, जिसको जो करना हो कर ले। बता दें कि सीधी विधायक द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्र के कोनों कोनों तक विकास की मुख्यधरा को पहुंचाने का प्रयास निरंतर रूप से किया जा रहा है, वहीं उनके पीए हीरालाल यादव द्वारा अपनी धाक जमाने के लिए ग्राम पंचायत चौफाल कोठार में विकास को चारोंखाना चित्त कर दिया है। पीए हीरालाल यादव की मनमानी से विधायक की छवि धूमिल हो रही है, ग्रामीणों का आरोप है कि उनके द्वारा अपने पीए को खुली छूट दी गई है, जिसके चलते वह मनमानी पर उतारू हैं।
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ग्रामीणों ने उठाई कार्यवाही की मांग
बता दें कि सीधी विधायक पीए हीरालाल यादव द्वारा ग्राम पंचायत चौफाल कोठार में जहां सचिव एवं रोजगार सहायक को सरपंच के एक भी कार्य न करने के लिए साफ मना कर दिया गया है, जिसके चलते ग्राम पंचायत के रहवासियों को अंत्येष्टि सहायता तक नहीं मिल पा रही है। वहीं दूसरी ओर अपने विधायक पीए होने की धौंस जमा कर नियम विरुद्ध तरीके से पत्नी को अध्यक्ष बना कर जमकर बंदरबाट किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि विधायक पीए ने शिक्षकों को भी चेतावनी दी है अगर किसी ने समूह के भोजन को लेकर शिकायत की तो उसका तबादला बालाघाट करवा दूंगा, इसी डर के चलते कोई मुंह नहीं खोल पा रहा है। और निरंतर घटिया भोजन परोसा जा रहा है।ग्रामीणों ने मीडिया के माध्यम से सीधी विधायक एवं कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए शीघ्र कार्यवाही की आवाज उठाई है।
इनका कहना है।
एमडीएम में कार्य रहे समूह चाहे जो भी हो शासकीय कर्मचारी की पत्नी व उनके परिवार का कोई भी सदस्य अध्यक्ष नही हो सकता, रही बात चौफाल कोठार में संचालित समूह की तो अगर शासकीय कर्मचारी की पत्नी अध्यक्ष हैं तो नियम विरुद्ध है, यदि ऐसी शिकायत मिलती है तो समूह के खिलाफ करवाही की जाएगी। शिवनारायण सिंह प्रभारी एमडीएम जनपद पंचायत सीधी।



