नगर निगम द्वारा धनवंतरी नगर स्थित होटल रिलैक्स इन को किया गया सील

जबलपुर दर्पण । शहर में अग्नि सुरक्षा, सुरक्षित निकासी, भवन उपयोग एवं जन-सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर नगर निगम द्वारा लगातार निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो दिनों में होटल, लॉज, कोचिंग संस्थान एवं ज्वलनशील सामग्री के भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई के उपरांत आज दिनांक 11 जून 2026, गुरुवार को धन्वन्तरि नगर स्थित होटल रिलैक्स इन का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान होटल में अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, सुरक्षित आवागमन मार्ग, भवन उपयोग एवं स्वीकृत भवन मानचित्र से संबंधित गंभीर कमियाँ पाई गईं। जन-सुरक्षा की दृष्टि से इन कमियों को गंभीर मानते हुए तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, अग्निशमन अधिकारी तथा भवन शाखा के इंजीनियर द्वारा होटल संचालक को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएँ दुरुस्त कर उनका प्रमाणीकरण प्राप्त करने तथा तब तक होटल संचालन स्थगित रखने की समझाइश दी गई। इसके उपरांत होटल संचालक द्वारा सहमति के साथ होटल में तालाबंदी की गई।
होटल रिलैक्स इन, धन्वन्तरि नगर-निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन के बेसमेंट में होटल का संचालन किया जा रहा था। अग्नि एवं जीवन-सुरक्षा की दृष्टि से बेसमेंट में होटल संचालन को जोखिमपूर्ण माना गया, क्योंकि आपात स्थिति में धुएँ के भराव, सीमित निकासी, कम वेंटिलेशन एवं बचाव कार्य में कठिनाई की संभावना अधिक रहती है। अग्निशमन विभाग द्वारा निरीक्षण में यह भी पाया गया कि भवन में ज्वलनशील सामग्रियों का असुरक्षित भंडारण किया गया था। आवागमन हेतु पर्याप्त चैड़ाई के मार्ग एवं गलियारे उपलब्ध नहीं पाए गए, जिससे आपात स्थिति में होटल में उपस्थित व्यक्तियों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती थी। भवन में कई स्थानों पर खुले एवं लूज वायर पाए गए, जो विद्युत शॉर्ट-सर्किट तथा अग्नि दुर्घटना की संभावना को बढ़ाते हैं। इसके अतिरिक्त भवन में अग्नि सुरक्षा हेतु आवश्यक संसाधनों की स्थापना भी सुनिश्चित नहीं पाई गई। भवन शाखा द्वारा निरीक्षण के दौरान भवन का स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत करने हेतु कहा गया, किंतु मौके पर भवन का नक्शा प्रस्तुत नहीं किया गया। भवन में बेसमेंट में होटल संचालन पाया जाना अधिभोगियों की सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं माना गया।
संचालक को अनुपालन तक संचालन स्थगित रखने की समझाइश-निरीक्षण में पाई गई गंभीर कमियों को देखते हुए तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, अग्निशमन अधिकारी तथा भवन इंजीनियर द्वारा होटल संचालक को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई कि भवन की अग्नि सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, सुरक्षित निकासी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर सक्षम स्तर से उनका प्रमाणीकरण प्राप्त किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि जब तक आवश्यक अनुपालन पूर्ण नहीं हो जाते और संबंधित विभागों द्वारा सुरक्षा व्यवस्थाओं का सत्यापन नहीं कर लिया जाता, तब तक होटल का संचालन स्थगित रखा जाए। उक्त समझाइश एवं निर्देशों के उपरांत होटल संचालक द्वारा सहमति से होटल में तालाबंदी की गई।
निरंतर अभियान के तहत कार्रवाई-नगर निगम द्वारा विगत दिनों भी अग्नि सुरक्षा एवं भवन नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की गई थी। पूर्व में शहर के होटल, लॉज एवं कोचिंग संस्थानों में गंभीर अनियमितताएँ पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई थी, वहीं अगले दिन ज्वलनशील सामग्री के भंडारण से जुड़े दो प्रतिष्ठानों में संचालकों की सहमति से तालाबंदी कराई गई थी। इसी क्रम में आज होटल रिलैक्स इन पर की गई कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि जन-सुरक्षा से जुड़े मामलों में नियमों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जा रहा है।
जन-सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं-नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि होटल, लॉज, कोचिंग संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, गोदाम एवं सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों में अग्नि सुरक्षा, सुरक्षित निकासी, पर्याप्त आवागमन मार्ग, विद्युत सुरक्षा, वेंटिलेशन, स्वीकृत भवन उपयोग एवं आवश्यक अनुमतियों का पालन अनिवार्य है। विशेष रूप से ऐसे भवनों में जहाँ आमजन, विद्यार्थी, ग्राहक, अतिथि अथवा कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं, वहाँ अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता, कार्यशीलता, सुरक्षित निकासी मार्गों की पर्याप्तता और विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। नगर निगम द्वारा भवन स्वामियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने भवनों में अग्नि एवं जीवन-सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करें। नियमों की अनदेखी, असुरक्षित संचालन अथवा अनुपालन के अभाव में संबंधित संस्थानों के विरुद्ध इसी प्रकार कार्रवाई जारी रहेगी।



