नेमावर हत्याकांठ के दोषियों को फांसी दोः एफएस कमलेश

मध्यप्रदेश के देवास जिले के नेमावर में हुवे सामुहिक हत्याकांठ की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच सी.बी.आई. से कराने, सामुहिक हत्याकांठ में मृतक के परिवार को पांच-पांच करोड़ रुपिया दिए जाने, मृतक के परिवार को सुरक्षा प्रदान किये जाने, मृतक के परिवार के सदस्यों को शासकीय नौकरी दिए जाने, की मांग को लेकर बालाघाट जिले के गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं सेवा निवृत्त प्राचार्य एफ.एस. कमलेश के नेतृत्व में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, आदिवासी विकास परिषद, राष्ट्र निर्माण सेना, भीम आर्मी, अखिल भरतीय आदिवासी विकास परिषद, एवं अन्य संगठनों ने बालाघाट जिला कलेक्टर को महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के पूर्व बालाघाट जिला मुख्यालय में गोंड़वाना भवन में बैठक आयोजित की गई जिसमें देवास जिले के नेमावर में हुवे सामूहिक हत्याकांठ के विषय मे सभी ने अपने-अपने विचार रखे। गोंड़वाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष एफ.एस कमलेश ने कहा कि देवास नेमावर की घटना शर्मनाक घटना है इस घटना की आदिवासी समाज निन्दा करता है। कमलेश ने कहा कि पुलिस थाना नेमावर के पुलिस थाना एवं अन्य पुलिस अधिकारियों के कितने मधुर सम्बंध थे एवं हत्यारों के उक्त घटना के दिनाँक से गिरफ्तारी होने तक किन-किन पुलिस अधिकारियों /कर्मचारियों से एवं स्थानीय नेताओं से उन हत्यारों की फोन पर बात होती रही उन हत्यारों की मोबाईल की सी.डी.आर. विवेचना के दौरान निकाल कर इनके बीच क्या बातें हुईं हैं इस बात को जनता के बीच लाकर उन राज नेता एवं पुलिस अधिकारियों पर भी अपराध पंजीबद्ध किया जाए और दोषी व्यक्तियों को विशेष न्यायालय में माध्यम से फांसी की सजा दी जाये। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नंदलाल उइके ने कहा कि दिन प्रति दिन आदिवासियों पर अत्याचार की घटना मध्यप्रदेश में बढ़ती जा रही है। ये हमारे आदिवासियों को चिंतन करना पड़ेगा। मध्यप्रदेश के देवास नेमावर की घटना हम सबके लिए एक सबक है। यदि आज भी आदिवासी भाई एक नही हुवे तो ये सेठ-पूंजीपतियों की सरकार हम आदिवासी भाइयों को जीने नही देगी। हमारा आदिवासी भाई पिला गमछा डाले कोई बी.जे.पी.का तलवा चाट रहा है तो कोई कांग्रेस का। उइके ने कहा कि ये पिला गमछा दादा हीरा सिंग मरकाम जी की देन है। इसका सम्मान करो। दादा हीरा सिंह मरकाम ने पूरे देश मे आदिवासियों को जगाने का काम किया है। आज उन्ही की देन है कि आज हमारे कंधो पर हम शान से पिला गमछा डाल कर घूम रहें हैं। राष्ट्र निर्माण सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यभारत जोन के प्रभारी सूरज ब्रम्हे ने कहा कि मध्यप्रदेश देवास जिले के नेमावर में हुई घटना की हम निन्दा करते हैं। अपने कहा कि गुम सुदगी की एफ.आई.आर. दर्ज कराने के बावजूद भी 48 दिनों तक पुलिस ने हत्यारो को खोज नही पाई ये नेमावर पुलिस की निष्क्रियता को दर्शता है। राष्ट्र निर्माण सेना का एक-एक कार्यकर्ता हर आदिवासी भाई के दुखों में उनके साथ खड़ा है। औऱ हमेशा रहेगा। आपने कहा कि इस घटना की सी.बी.आई.जांच कराई जाये जिससे इसमें दोषी समस्त व्यक्ति को उनके किये की सजा मिल सके। साथ ही मृतक परिवार के सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाये, आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच करोड़ रुपिया दिया जाये। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंग उईके ने कहा कि हम आदिवासियों पर अत्याचार बर्दास्त नही करेगें। यदि उन हत्यारों को सरकार सजा देने में सक्षम नही है तो उन हत्यारो को हम आदिवासियों के सुपुर्द कर दिया जाये उनको हम सजा देगें। हमेशा आदिवासियों पर ही अत्याचार क्यों होता है। इस बात को भी हम आदिवासी भाइयों को चिंतन करना पड़ेगा। धरम सिंग मरकाम ने हत्यारो को फांसी की सजा दीये जाने की बात पर जोर दिया । बैठक को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। बैठक के समापन के पश्चात गोंडवाना भवन से रैली में रूप में आकर कलेक्टर बालाघाट को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। रैली में विशेष रूप से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह उईके, बैहर आदिवासी विकास परिषद के तहसील अध्यक्ष मंसाराम मंडावी, अजय उइके, सुनील बेले संतराम मेरावी, रमेश मंडावी, अमरसिंह मड़ावी, हेमसिंग धुर्वे, नीलेश बौद्ध, संजय पुसाम, संजू सैय्याम,गणेश कुसरे एवं सैकड़ों लोग उपस्तिथ थे।।



