जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

विपक्ष की 19 पार्टियां संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगी

जबलपुर दर्पण । नए संसद भवन के इनॉग्रेशन का 19 दल बायकॉट करेंगे:कहा- लोकतंत्र की आत्मा सोख ली गई; शाह बोले- इसे राजनीति से ना जोड़ें, हमने सबको बुलाया है सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनी संसद की नई बिल्डिंग प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण जनवरी 2021 में शुरू हुआ था और इसे 28 महीने में बना लिया गया।सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनी संसद की नई बिल्डिंग प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण जनवरी 2021 में शुरू हुआ था और इसे 28 महीने में बना लिया गया।विपक्ष की 19 पार्टियां संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगी। बुधवार को एक ज्वाइंट स्टेटमेंट में बायकॉट करने की जानकारी दी। इन्होंने कहा, ‘जब संसद से लोकतंत्र की आत्मा को ही खींच लिया गया हो, ऐसे में हमें नई इमारत की कोई कीमत नजर नहीं आती है।’राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पहले ही कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से करवाने की मांग कर चुके हैं। मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे।

इस बीच गृहमंत्री अमित शाह ने आज सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, ‘नए संसद भवन को 60,000 श्रमयोगियों ने रिकॉर्ड समय में बनाया है। इसलिए PM इस मौके पर सभी श्रमयोगियों का सम्मान भी करेंगे। इसे राजनीति से ना जोड़ें, यह तो चलती रहती है। हमने सबको आमंत्रित किया है। हमारी इच्छा है कि सभी इस कार्यक्रम में हिस्सा लें।’सेंगोल का रिश्ता तमिलनाडु से, इस राजदंड का अर्थ ‘संपदा से संपन्न’अमित शाह ने बताया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अंग्रेजों से सेंगोल (राजदंड) स्वीकार किया था। यह सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक है। यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे तमिल भाषा में सेंगोल कहा जाता है। आजादी के 75 साल बाद भी जनता को इसकी जानकारी नहीं है। सेंगोल को संग्रहालय में रखना ठीक नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने सेंगोल के बारे में रिसर्च करवाई। इसके बाद इसे देश के सामने संसद भवन में स्पीकर की कुर्सी के बगल रखने का फैसला किया गया।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु से आए एक प्रतिनिधि से सेंगोल लेंगे और नए संसद भवन के उद्घाटन के दिन इसे भवन में रखेंगे। सेंगोल का अर्थ होता है- संपदा से संपन्न।19 पार्टियों के नाम: कांग्रेस, आम आदमी पार्टी तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम राष्ट्रीय जनता दल जनता दल-यूनाइटेड , राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, झारखंड मुक्ति मोर्चा, करेला कांग्रेस मनी, विदुथलाई चिरूथाइगल कच्छी, राष्ट्रीय लोक दल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और रेवॉल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी और मरूमलारची द्रविड मुनेत्रद कडगम इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनेंगे।

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