साहित्य दर्पण
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तुम तो पढ़े लिखे हो
सोचता हूं क्यों पढ़ा मैं तानों को जो सुनता हूं अनपढ़ रहता तो ठसके से कहता मैं तो अनपढ़ हूं …
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राखी का गीत
दौर बचपन का महकता,खुश हुआ व्यवहार है। भाव की माला पिरोकर, द्वार पर त्योहार है।।हो गए धागे सुहाने,रोलियाँ माथे सजीं।…
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नयी सभ्यता और संस्कृति में रक्षाबंधन का महत्व
भाई-बहन के पवित्र संबंध के महत्व कसे हमारे देश में कई पर्व-त्योहारों में प्रतिबिंबित किया गया है। उनमें रक्षाबंधन सर्वोपरि…
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रक्षाबंधन: सुरक्षा के विश्वास का प्रतीक पर्व
रक्षाबंधन का पर्व रक्षा के तात्पर्य से बांधने वाला एक ऐसा सूत्र है, जिसमें बहनें अपने भाईयों के माथे पर…
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कभी पैसों का पेड़ लगेगा !
——कभी पैसों का पेड़ लगेगा,कभी नोटों की बारिश होगी,फिर अपना भी घर होगा,और अपनी भी लंबी गाड़ी होगी,बड़े ठाठ होंगे…
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नारी (मरहठा छंद )
मम महतारी, मन अति प्यारी, करती तुम्हें प्रणाम |सब सुख निज खोती, खुशियाँ बोती, कर्म करे निष्काम ||ईश्वर यह रूपा,…
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राखी (अमृत ध्वनि छंद)
मेरा भैया आ रहा , राखी के त्योंहार |लेता हिलोरे मन है ,उमड़े सारा प्यार ||उमड़े सारा, भाई प्यारा, कोमल…
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विचारवान साहित्यकार “किसलय”
(5 फरवरी को जन्म दिवस पर विशेष) “किसलय जग में श्रेष्ठ है, मानवता का धर्म अहम त्याग कर जानिए, इसका…
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लो जिदंगी का एक साल कम हो चला…
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला।। कुछ ख्वाहिशें दिल में रह जाएंगी। कुछ बिन मांगे पूरी हो जाएंगी।। कुछ छोड़…
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शुद्धता को ताक पर रखते लोग!
शुद्धता को ताक पर रखते लोग! मानव का गहना मानवता है। सच्चाई, सद्भावना और परोपकार रूपी ये तीन गुण यदि…
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