स्वामी विवेकानंद के अनुसार धर्म की कसौटी है सेवा – डॉ जितेन्द्र जामदार

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जबलपुर संभाग द्वारा स्वामी विवेकानंद की 160 वी जयंती के आयोजन समन्वय सेवा केंद्र छोटी लाइन में सम्पन्न हुआ ।
इस आयोजन के मुख्य वक्ता जबलपुर के अस्थिरोग विशेषज्ञ समाजसेवी डॉ अखिलेश गुमास्ता जी ने स्वामीविवेकानंद के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि वेदों का भाष्य है तो ठाकुर रामकृष्ण परमहंस साक्षात वेद हैं ठाकुर रामकृष्ण परमहंस की जीवन साधना से विवेकानंद जी ने दर्शन की शिक्षा प्राप्त की है। सेवा की मूल प्रेरणा से ही समाज सरोकार के सभी कार्य सम्पन्न होने चाहिए । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ जितेन्द्र जामदार ने विश्वपटल पर भारत स्वामीविवेकानंद के विचार विषय पर अपने विचार प्रगट करते हुए भारत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत का इतिहास स्वर्णिम रहा है भारत पर अनेक आक्रमण हुए है किन्तु भारत का इतिहास गुलामी का नहीं संघर्ष का इतिहास रहा है भारत के कोने कोने से हमारे महापुरुषों ने आक्रांताओं का विरोध ही नहीं अपितु उन्हें खदेड़ कर भारत के भूगोल से बाहर कर दिया अंग्रेजों के काल मे ने एक विश्वव्यापी वैचारिक क्रांति के माध्यम से अमेरिका की धर्म संसद में भारत की धर्म ध्वजा को प्रतिष्ठित किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरनंद जी ने से निश्चित रूप से प्रदेश में एक सामाजिक चेतना का निर्माण होगा । स्वामीविवेकानंद जयंती के इस आयोजन में स्वागत भाषण विभाग समन्वयक रवि वर्मन तथा आभार जिला समन्वयक प्रदीप तिवारी ने किया । कार्यक्रम में विभाग समन्वयक विनायक राव, तृप्ति, मति संध्या, सोनिया सिंह , भारत महरोलिया, विवेक जी सहित सदस्य सम्मिलित हुए। संचालन अभिनेष अटल एवं राजाराम यादव ने किया।



