सीमावर्ती क्षेत्रों में आजादी के दशकों बाद भी नहीं पहुंचा नल-जल योजना का पानी

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में अगर दशकों बाद भी नल-जल योजना का पानी ना पहुंचा हो तो सरकार की मंशा पर सवाल उठना तो लाजिमी है। एक और सरकार जहां नल-जल योजना का ढिंढोरा पीट रही है, तो वहीं दूसरी ओर इस आदिवासी बाहुल्य जिले के सैकड़ो ऐसे गांवों है, जहां अभी तक नल-जल योजना के तहत पानी नहीं पहुंची है। हम बात कर रहे हैं जिले के समनापुर जनपद अंतर्गत सीमावर्ती गांव साल्हेंघोरी की जहां केवल शौ फीस के लिए पानी की टंकी बनवाई गई है। बताया गया कि गड्डे खोदकर पाइप लाईन भी बिछाई गई है, लाखों रुपए खर्च करके दो-दो बोरिंग के खनन करके मशीनें लगाई गई, बावजूद गांव में अभी तक पानी नहीं पहुंचना गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। अब जब गांव में आजादी के दशकों बाद भी नल-जल योजना से पानी न पहुंचने के गंभीर सवालों को लेकर ग्राम पंचायत के सचिव रेवा प्रसाद गौतम से बात करनी चाही तो सवालों से बचते हुए फोन ही नहीं उठाए। इसी तरह जिम्मेदार ठेकेदार से मामले की जानकारी चाही गई तो उन्होंने भी किसी मीडिया कर्मी का फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। ग्रामीणों ने बताया कि घरों में नल-जल योजना से कनेक्शन करवाने के लिए ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा गांव के सैकड़ो परिवारों से आधार कार्ड की कॉपी भी मांग कर ली जा चुकी हैं। बावजूद सालों बाद भी गांव में नल-जल योजना से पानी नहीं पहुंचा, स्थानीय ग्रामीण आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज है। स्थानीय ग्रामीणों ने मामले की सूक्ष्मता से जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।



