50 करोड़ से अधिक की संपत्ति को लेकर नेत्र विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव का विवाद गहराया

जबलपुर दर्पण ।
प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। उनकी करोड़ों की संपत्ति पर कई पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं, जिसके चलते मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। विवाद की जानकारी मिलते ही डॉ. हेमलता की बहन प्राची भी जबलपुर पहुंच गई हैं और उन्होंने पूरे मामले को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं।
डॉ. हेमलता की बहन प्राची ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनकी बहन ने लगभग दो वर्ष पूर्व अपनी पूरी संपत्ति गायत्री परिवार को दान कर दी थी। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. हेमलता की अनुमति के बिना उनकी आधी जमीन पर रातों-रात दीवार खड़ी कर दी गई, जो पूरी तरह अवैध है। उनका कहना है कि संपत्ति को लेकर कुछ लोग जल्दबाजी और दबाव की स्थिति पैदा कर रहे हैं।
बाइट – प्राची (डॉ. हेमलता की बहन)
वहीं दूसरी ओर गायत्री परिवार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि उनके पास विधिवत दानपत्र मौजूद है, जिसके आधार पर संपत्ति ट्रस्ट को सौंपी गई थी। गायत्री परिवार के सदस्यों ने यह भी स्पष्ट किया कि डॉ. हेमलता ने पूरी तरह अपनी इच्छा और सहमति से संपत्ति ट्रस्ट को दान की थी।
गायत्री परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में डॉ. हेमलता के कथित अपहरण का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, वह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाकर डॉ. हेमलता की करोड़ों की संपत्ति को हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।
बाइट – गायत्री परिवार के सदस्य
मामले में पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डॉ. हेमलता के पुत्र रचित श्रीवास्तव की वर्ष 2022 में मृत्यु हो चुकी है, वहीं उनके पति का भी पहले ही निधन हो चुका है। फिलहाल डॉ. हेमलता की उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपना स्पष्ट बयान दर्ज करा सकें, जिसके चलते जांच में सावधानी बरती जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की कानूनी और दस्तावेजी जांच की जा रही है और सभी पक्षों के दावों की सत्यता परखने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
बाइट – पुलिस अधिकारी
फिलहाल यह मामला संपत्ति विवाद, दानपत्र की वैधता और बुजुर्ग डॉक्टर की सुरक्षा जैसे कई संवेदनशील पहलुओं से जुड़ा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



