बरगी बांध की दाएं तट की नहर टूटना अधिकारियों की घोर लापरवाही- संजय यादव

जबलपुर दर्पण । जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष संजय यादव ने अपने व्यक्तव में कहा कि 1 फरवरी 2026 को बरगी बांध दाएं तट नहर किलोमीटर 6.94 पर विभागीय लापरवाही के कारण नहर का बड़ा हिस्सा टूट गया। इस घटना से आसपास के लगभग 12 गांवों में खड़ी फसलों में पानी भर गया तथा कई किसानों के घरों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। सैकड़ों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है।
स्थानीय किसानों द्वारा विगत 4 वर्षों से नहर में भारी रिसाव की शिकायत की जा रही थी, किंतु विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जिस स्थान पर लगातार रिसाव की शिकायत की जा रही थी, उसी स्थान पर नहर क्षतिग्रस्त हुई, जिससे विभागीय लापरवाही स्पष्ट सिद्ध होती है।
नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण केवल आसपास की फसलें ही बर्बाद नहीं हुईं, बल्कि जबलपुर, सिहोरा, पनागर, मझौली, स्लीमनाबाद सहित अन्य क्षेत्रों की लाखों एकड़ रबी फसलों की सिंचाई बाधित हो गई है। यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर फसलें नष्ट होने की आशंका है।
दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। किसानों के साथ उनका व्यवहार भी अशोभनीय रहा है। इससे प्रतीत होता है कि उच्च स्तर पर संरक्षण प्राप्त होने के कारण जिम्मेदारों पर कार्यवाही नहीं की जा रही है।
नहर की मरम्मत कार्य अत्यंत धीमी गति से चल रहा है, जिससे अनुमान है कि कम से कम दो माह तक नहर चालू नहीं हो पाएगी। इससे जबलपुर एवं कटनी जिले की लाखों एकड़ गेहूं की फसल प्रभावित हो सकती है।
घटना के दूसरे दिन समाचार पत्रों में किसानों को मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, परंतु यह प्राकृतिक आपदा नहीं होने के कारण कलेक्टर द्वारा मुआवजा जारी किए जाने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। नर्मदा घाटी विकास विभाग में भी ऐसे प्रकरणों में मुआवजा देने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे किसानों को न्याय मिलने पर संशय उत्पन्न हो रहा है।
जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने मांग की हैं कि नहर टूटने की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर तत्काल निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई हो।
प्रभावित किसानों को विशेष राहत पैकेज के तहत उचित मुआवजा दिया जाए।
नहर की मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर कर शीघ्र सिंचाई बहाल की जाए।
यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश तिवारी, संगठन सचिव राजेश पटेल, मीडिया प्रभारी विवेक यादव, मदन लारिया, सुप्रीत त्रिपाठी, ऋषि पचौरी, राजेश पटेल आदि मौजूद रहे।


