जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी का बंद होना: मध्यप्रदेश सरकार का विश्वासघात और महाकौशल के स्वाभिमान पर प्रहार – डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी

जबलपुर दर्पण । इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पुरुषोत्तम तिवारी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी को बंद करने के निर्णय की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे जबलपुर और महाकौशल क्षेत्र के विकास पर करारा प्रहार और भारतीय जनता पार्टी सरकार का घोर विश्वासघात करार दिया है। डॉ. तिवारी ने कहा कि वर्ष 2011 में स्थापित मध्यप्रदेश की एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी को देश की सर्वोच्च मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे। इसके लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन 2011 से 2025 तक केवल 20 करोड़ रुपये ही आवंटित किए गए। मध्यप्रदेश सरकार ने न तो पर्याप्त बजट प्रदान किया, न ही विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और अन्य अधिकारियों की नियुक्ति की, और न ही मापदंडों के अनुसार स्टाफ की व्यवस्था की। यह सरकार की आर्थिक विफलता और विश्वविद्यालय को जानबूझकर कमजोर करने की साजिश को दर्शाता है।उन्होंने बताया कि मेडिकल यूनिवर्सिटी का उद्देश्य एमबीबीएस, डेंटल, नर्सिंग, पैरामेडिकल, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी और योग जैसे सभी मेडिकल कोर्सेज को एक परिसर में संचालित करना था। लेकिन सरकार ने इसे समाप्त कर जबलपुर की प्रगति को अवरुद्ध किया है। दूसरी ओर, सरकार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की बात करती है, लेकिन एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी को बंद कर उसकी आर्थिक दिवालियापन की स्थिति को उज “..जागर करती है।डॉ. तिवारी ने जबलपुर और महाकौशल के चिकित्सकों, चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों और जबलपुर से प्रेम करने वाले सभी संगठनों से अपील की है कि वे एकजुट होकर इस विश्वविद्यात के खिलाफ और जबलपुर के स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष करें। उन्होंने कहा, “यह जबलपुर की आन-बान और शान का सवाल है। यदि हम आज एकजुट नहीं हुए, तो हम अपना अस्तित्व खो देंगे।”

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