अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय

जबलपुर दर्पण। ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएन पाठक ने बताया 16 जून को भारत सरकार की कैबिनेट बैठक में 220 साल पुरानी ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों को अव्यावहारिक निगमों में तब्दील करने का फैसला किया गया था। भारत सरकार के इस एकतरफा फैसले के विरोध में 41ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों के कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया था। कर्मचारियों की हड़ताल को रोकने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश 2021 लाया गया था, जिसके तहत कर्मचारियों से हड़ताल करने का अधिकार छीन लिया गया था।अध्यादेश को संसद में पारित कराकर कानून का अमलीजामा पहना दिया गया और अव्यवहारिक सात कंपनियों में ऑर्डीनेंस फैक्ट्रीयों के निगमीकरण की प्रक्रिया को अत्यधिक तेज गति से बढ़ाया जा रहा है।
आवश्यक रक्षा सेवा कानून 2021 तथा ऑडनेंस फैक्ट्री ओके निगमीकरण के विरोध में ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन डे दिल्ली हाई कोर्ट तथा मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। दिनांक 16 सितंबर को माननीय उच्च न्यायालय में जस्टिस महादेवन के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र कुमार पाल ने AIDEF तथा ऑर्डीनेंस फैक्ट्री कर्मचारियों के पक्ष में बहस करते हुए कर्मचारियों की सेवा शर्तों में बदलाव किए जाने पर चिंता व्यक्त की जिसके जवाब में सरकारी वकील ने सेवा शर्तों में बदलाव नहीं किए जाने की बात कहते हुए 15 दिनों में शपथ पत्र दायर करने की अनुमति मांगी माननीय न्यायालय द्वारा अगली पेशी 30 सितंबर को रखी गई है। वही आवश्यक रक्षा सेवा अधिनियम के विरोध में माननीय दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका को स्वीकार कर प्रतिवादी को नोटिस देने के आदेश दिए गए हैं। मिठाई लाल रजक, रामप्रवेश ,राम सिंह मीणा, अमरीश सिंह, शिव पांडे , पुष्पेंद्र सिंह, गोविंद सोनी ,रोहित यादव अर्नब दासगुप्ता, राजा पांडे, वीरेंद्र साहू ,नितेश सिंह, मनोज साहू ,अमित चंदेल, आशीष विश्वकर्मा, बीरबल इत्यादि कर्मचारी नेताओं ने कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष पर हमेशा डटकर मुकाबला करने के लिए तैयारी का आवाहन किया है



