समरसता सेवा संगठन ने माँ कर्मा देवी जयंती पर किया विचार गोष्ठी एवं पौधारोपण का आयोजन

जबलपुर दर्पण । माँ कर्मा का व्यक्तित्व आडंबरहीन, भक्ति, प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जो हमे सिखाता है कि ईश्वर जाति-पाति नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण के भूखे होते हैं, यह बात इतिहाकार डॉ आंनद सिंह राणा ने समरसता सेवा संगठन द्वारा माँ कर्मा देवी के प्रकाट्योत्सव पर आयोजित विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए नर्मदा उद्यान गौरीघाट में व्यक्त किये। समरसता सेवा संगठन द्वारा माँ कर्मा देवी प्रकाट्योत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कृषि भाग के संघ चालक अनिल गुप्ता जी मुख्य वक्ता विख्यात इतिहासकार डॉ आंनद सिंह राणा, विशिष्ट अतिथि तेलघानी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रविकिरण साहू, जिला साहू समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र साहू, समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन, सचिव उज्वल पचौरी की उपस्थिति में कर्मा देवी प्रकाट्योत्सव समारोह का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी के पश्चात सभी अतिथियों एवं आगँतुक जनो ने माँ कर्मा को समर्पित करते हुए नर्मदा उद्यान में ‘आम’ का पौधा रौपा।मुख्य वक्ता डॉ आनंद सिंह राणा ने विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा माँ कर्मा देवी 17वीं शताब्दी के कालखंड में की एक महान कृष्ण भक्त थीं, जिनकी निस्वार्थ भक्ति ने भगवान कृष्ण को उनके हाथ का “खिचड़ा” (भोग) खाने पर विवश कर दिया। कर्मा देवी ने समाज को यह संदेश दिया कि ईश्वर के सामने सभी समान हैं। उनकी कहानी ऊंच-नीच, छुआछूत और रुढ़िवादी परंपराओं का खंडन करती है और श्रद्धा-विश्वास की सर्वोच्चता स्थापित करती है।डॉ राणा ने माँ कर्मा से जुड़े प्रसंग के साथ साथ साहू समाज की उत्तपति और इतिहास की जानकारी भी दी।मुख्य अतिथि श्री अनिल गुप्ता ने विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा जगन्नाथ पुरी के मंदिर में भगवान को सुबह जो भोग लगता है, वह माँ कर्मा की ही परंपरा है, क्योंकि भगवान उनके हाथों का खिचड़ा खाने के लिए ही प्रकट हुए थे।उन्होंने कहा भक्त शिरोमणि माँ कर्मा देवी को साहू तेली समाज की आराध्या देवी माना जाता है, किन्तु उन्होंने भक्ति, प्रेम और सेवा का जो संदेश दिया वह सम्पूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणादायक है और समरसता सेवा संगठन अपने कार्यों से ऐसे सभी महापुरुषों, देवियों और आराध्ययो के व्यक्तित्व, विचार और वाणी को जन जन तक पहुंचाने का सुंदर कार्य विगत तीन वर्षों से कर रहा है।कार्यक्रम को तेलघानी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रविकरण साहू, जिला साहू समाज के अध्यक्ष वीरेंद्र साहू ने भी सम्बोधित किया।जिला साहू समाज के सचिव उमेश साहू ओज ने कविता के माध्यम से माँ नर्मदा की व्यथा पर रचना प्रस्तुत की।समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष शसंदीप जैन ने कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं स्वागत उद्बोधन दिया साथ ही विगत दिनों सपन्न समरसता होली महोत्सव में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष योगदान देने सर्व समाज का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का संचालन धीरज अग्रवाल एवं आभार सचिव उज्जवल पचौरी ने व्यक्त किया।कार्यक्रम में उमेश साहू ओज, आलोक पाठक, रविशंकर साहू, मेहते राजेंद्र साहू, विनीत तिवारी, चौधरी मुकेश साहू, किशोर खत्री, कैलाश साहू, अनिल सोनी अन्नू, पार्षद राहुल साहू, एमआईसी सदस्य रजनी कैलाश साहू, पार्षद रजनी सुरेन्द्र साहू, पूर्व पार्षद सदारानी साहू, सुधीर साहू, हरीश साहू, रमेश साहू प्रयास, राजेंद्र साहू पत्रकार, कोठिया चंद्रशेखर साहू, प्रदीप साहू, भोलाराम साहू, राकेश साहू, राजेश साहू पप्पू, विनेश राय, मनीष साहू पप्पी, कोठिया राजेंद्र साहू, शिवरत्न पटेल, राजकिरण साहू, विमलेश साहू, अखिलेश रैकवार,एड सुरेश साहू,महेंद्र रघुवंशी, पूर्णिमा साहू, वर्षा साहू, मोना साहू, प्रियंका साहू, सुषमा साहू, लक्ष्मी साहू, आकाश साहू, विनय साहू, अमित साहू, गुलाब साहू, धर्मेंद्र साहू, त्रिलोकी नाथ पुरोहित, संदीप साहू, आलोक साहू, शिवम साहू आशीष साहू, जितेंद्र साहू, शेखर साहू, पवन साहू, विनीत यादव, राहुल दुबे अमित अग्रवाल के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक जन उपस्थित थे।



