रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में परीक्षा शुल्क की अवैध वसूली! सरकारी योजनाओं के बावजूद हजारों छात्रों से लिए गए पैसे

जबलपुर दर्पण । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय पर आरोप है कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना तथा मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत पात्र छात्रों से भी परीक्षा शुल्क वसूला गया, जबकि इन योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार ऐसे विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लिया जा सकता। विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रवेश नियम एवं मार्गदर्शी सिद्धांत पुस्तिका (सत्र 2024-25) में भी स्पष्ट उल्लेख है कि इन योजनाओं के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को केवल मेस शुल्क एवं कॉशन मनी का भुगतान करना होता है, जबकि प्रवेश शुल्क और परीक्षा शुल्क राज्य शासन द्वारा वहन किया जाना है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा हजारों विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क लिया जाना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है। इस संबंध में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर भी अपने निर्णयमनीष बघेल एवं अन्य बनाम. मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य (डब्ल्यू.पी. क्रमांक 24547/2025, दिनांक 07 जुलाई 2025)में स्पष्ट कर चुका है कि इन योजनाओं के पात्र विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस एवं परीक्षा शुल्क की मांग नहीं की जा सकती। यदि राज्य शासन द्वारा राशि लंबित है तो यह विश्वविद्यालय और राज्य सरकार के बीच का विषय है, छात्रों से वसूली नहीं की जा सकती।
प्रदेश सचिव अदनान अंसारी ने इस पूरे मामले को छात्रों के साथ आर्थिक अन्याय बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा योजनाओं के स्पष्ट प्रावधानों और न्यायालय के निर्णय के बावजूद परीक्षा शुल्क लेना सीधे-सीधे छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन है।
उन्होंने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन तत्काल इस अवैध वसूली की जांच कराए, पात्र विद्यार्थियों से लिया गया परीक्षा शुल्क वापस करे तथा भविष्य में किसी भी छात्र से योजना के विपरीत शुल्क न लिया जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो इस संगठन द्वारा विरोध प्रदर्शन कर आर्थिक अपराध दर्ज कराया जाएगा।



