जबलपुर जिले के 16 थानों को मिला आईएसओ सर्टिफिकेट

जबलपुर दर्पण। पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन अनिल सिंह कुशवाह पुलिस उप महानिरीक्षक तुषार कांत विद्यार्थी (भा.पु.से.) और पुलिस अधीक्षक जबलपुर आदित्य प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में जिले के 16 थानों को आई.एस.ओ. सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। यह सर्टिफिकेट थानों द्वारा जनता की शिकायतों का समय पर निपटारा करने, अपराधियों की धरपकड़, थानों के रखरखाव और रिकॉर्ड कम्प्यूटरीकृत होने के कारण दिया गया है।
प्रमुख थानों को मिला आई.एस.ओ. सर्टिफिकेट
इस सूची में माढोताल, ग्वारीघाट, बेलबाग, खितौला, गोसलपुर, बरगी, कटंगी, हनुमानताल, बरेला, गोरखपुर, और गढा जैसे थाने शामिल हैं। यह पहली बार है जब जिले के 11 थानों को एक साथ आई.एस.ओ. सर्टिफिकेट से नवाजा गया है। इससे पहले मार्च 2024 में सिविल लाईन, ओमती, लार्डगंज, मदनमहल और भेड़ाघाट थानों को यह सर्टिफिकेट प्रदान किया गया था।
आई.एस.ओ. सर्टिफिकेट प्रदान करने का समारोह
आज, 23 अक्टूबर 2024 को माढोताल थाने में आई.एस.ओ. अधिकारी श्री जितेंद्र खंडेलवाल द्वारा पुलिस महानिरीक्षक श्री अनिल सिंह कुशवाह, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री तुषार कांत विद्यार्थी, कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना और पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य प्रताप सिंह की उपस्थिति में इन थानों के प्रभारी अधिकारियों को आई.एस.ओ. सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी शामिल थे।
आई.एस.ओ. सर्टिफिकेट के लिए मानक
आई.एस.ओ. सर्टिफिकेशन के तहत थानों का निरीक्षण कई मानकों पर किया गया, जैसे:
- व्यवहार और कुशलता – शिकायतकर्ताओं से पुलिसकर्मियों का व्यवहार और उनकी शिकायतों का समाधान।
- सेवा मानक – एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, जांच की प्रगति, और थानों में सुविधाओं की व्यवस्था।
- रिकॉर्ड्स का रखरखाव – एफआईआर की क्रमवार दर्जीकरण, अपराधियों और संदिग्धों की सूची, और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड्स।
- सूचना का आदान-प्रदान – शिकायतकर्ताओं को एफआईआर की जानकारी और सीसीटीएनएस के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया।
इस उपलब्धि के बाद जबलपुर जिले के पुलिस विभाग ने अपने कार्यप्रणाली को और भी कुशल और पारदर्शी बना लिया है, जिससे जनता को सेवा में और भी सुधार मिलेगा।



