झांसी अस्पताल अग्निकांड में मृत नवजातों की स्मृति में अवाक्स ने निकाला कैंडल मार्च

जबलपुर दर्पण। झांसी जिला अस्पताल में लगी भीषण आग में 12 नवजात शिशुओं की मौत से पूरा देश शोक में है। इस त्रासदी के बाद भी राज्य सरकार की संवेदनहीनता और जिम्मेदारियों से बचने के रवैये ने लोगों में गुस्सा बढ़ा दिया है। इस घटना के विरोध में और मृत शिशुओं को श्रद्धांजलि देने के लिए आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ (अवाक्स) ने झांसी के आंबेडकर चौक पर कैंडल मार्च का आयोजन किया।
संघ के अध्यक्ष देवेश चौधरी ने कहा, “यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट परिणाम है। मासूमों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री का दौरा औपचारिकता भर था, जो लोगों की भावनाओं का अपमान करता है।
तेजकुमार भगत और तरुण रोहितास ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और अस्पतालों में सुरक्षा उपायों को बेहतर करने की मांग की। वहीं, शिवनाथ चौधरी ने कहा कि सरकार को तत्काल प्रभावित परिवारों को मुआवजा और सहायता देनी चाहिए।
इस मौन श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शुभम चौधरी, जीवनलाल जाटव, राजेंद्र जाट, दीपक चौधरी, सोनेलाल उरेती, विनय झारिया, सी.एस. सिरसाठ, डेनियल इब्राहिम, और माधव पांडे सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
संघ की मांगें
- जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई।
- मृत शिशुओं के परिजनों को मुआवजा और सहायता।
- अस्पतालों में अग्नि-निरोधक उपायों को लागू करना।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मृत शिशुओं को श्रद्धांजलि अर्पित की और इस घटना को प्रशासन के लिए सबक मानते हुए अस्पतालों में सुरक्षा प्रबंधन को प्राथमिकता देने की अपील की।



