भारत की पदक विजेता महिला पहलवान हैं आदर्श नवोदित पहलवानों की

जबलपुर दर्पण। एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वावधान में रामपुर स्थित मशाल परिसर में आयोजित 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन कुश्ती प्रशिक्षण शिविर छोटी आयु के 13 लड़कों व 3 लड़कियों के लिए कुश्ती सीखने का नया अनुभव साबित हो रहा है। कुश्ती के नवोदित पहलवाल अभी तक अखाड़ों की पारम्परिक कुश्ती सीख रहे थे, लेकिन केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के शिविर ने उन्हें आधुनिक तरीके व मानक नियमों के अंतर्गत कुश्ती सीखने और ज़ोर अजमाइश का अवसर उपलब्ध कराया है।
तरह-तरह के दांव से परिचित हो रहे नवोदित पहलवान-शिविर में नवोदित पहलवान कुश्ती के प्रारंभिक अभ्यास से प्रशिक्षण की शुरुआत करते हैं। शिविर में नवोदित पहलवानों को पारम्परिक कला जंग, बगल डूब, धोबी पछाड़, पट्ठी मारना, सालतो लगान, जनेऊ दांव, सकी, फितले, सिंगल पैर निकालना, दोहरी पठ निकालना, साड़ी खींचना जैसे दांव के साथ-साथ आधुनिक कुश्ती की बारीकियां सिखायी जा रही हैं।
ओलंपिक मापदंड के अनुसार प्रशिक्षण-शिविर में ओलंपिक मापदंड के अनुसार फ्री-स्टाइल शैली कुश्ती का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नवोदित पहलवानों के शारीरिक दमखम बढ़ाने के लिये मशाल परिसर में रोप क्लाइमिंग (रस्सा चढ़ना) की व्यवस्था प्रशिक्षकों द्वारा की गयी है।
भारत की पदक विजेता महिला पहलवान लड़कियों की आदर्श-नवोदित पहलवानों का कहना है कि प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने से उन्हें आधुनिक कुश्ती सीखने का स्वर्णिम अवसर मिला है। शिविर की प्रतिभागी लड़कियों का कहना है कि अखाड़े और गद्दे की कुश्ती में बड़ा अंतर है और कुश्ती का भविष्य गद्दे पर ही है, क्योंकि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गद्दे पर ही कुश्ती के मुकाबले होते हैं। शिविर की प्रतिभागी लड़कियों की आदर्श गीता फोगाट, बबीता फोगाट, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट व अलका तोमर जैसी महिला पहलवान हैं। नवोदित पहलवान भारत की पदक विजेता महिला पहलवान की तरह अपने प्रदेश व देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं।
प्रशिक्षण शिविर में केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के कुश्ती प्रभारी संजय सिंह के साथ राजेश सोंधिया व संतोष द्विवेदी नवोदित पहलवानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। समय-समय पर एमपी पावर के पूर्व पहलवान भी प्रशिक्षण देने उपस्थित हो रहे हैं।



