नगर परिषद पाटन के निकाय चुनाओं में बीजेपी संघ के कार्यकर्ता ने अपने प्रत्याशी के विरुद्ध खोला मोर्चा:7 प्रत्याशी निर्दलीय चुनावी रण में

5 प्रत्याशी भाजपा कार्यकर्ता 2 प्रत्याशी संघ के स्वयंसेवक भी निर्दलीय कूदे चुनाव मैदान में:भाजपा संगठन मौन
जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। त्रि-स्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के चुनाओ में पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाली नगर परिषद् पाटन के वार्ड न 13 में 9 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे है। इनमे से 1 कांग्रेस 1भाजपा इसके साथ ही 5 प्रत्याशी भाजपा के बागी होकर पार्टी का सिरदर्द बने हुए है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दो प्रत्याशी भी अपनी ताल ठोक रहे हैं। जिसमें एक प्रत्याशी कांत नेमा जो वार्ड न 11 के निवासी है। जिनकी शिक्षा भी न के बराबर है। यह भी इस वार्ड से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। वही मनीष नेमा इस वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी है बीजेपी और संघ के कार्यकर्त्ता है यह भी पार्टी को चुनौती दे रहे है। इस वार्ड में अधिवक्ता से लेकर मोटर साइकिल के मिस्त्री पार्षद बनने की जुगत में एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। जबलपुर दर्पण की पड़ताल में कुछ अनसुलझे सवाल आय सामने। यह वार्ड अन्य वार्डो की अपेक्षा अधिक राजस्व वसूली वाला वार्ड है। इस वार्ड के अंतर्गत सबसे महत्पूर्ण पहलू यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन,हाई स्कूल पाटन,स्टेडियम,बस स्टैंड, सप्ताहिक लगने वाला बाजार,साथ ही मुख्य मार्केट इसी वार्ड के अंतर्गत आता है। चूकी यह वार्ड सामान्य प्रत्याशी के लिए आरक्षित था जिसमें आरक्षण वाले प्रत्याशी भी मैदान में कूद गए। बात करते है प्रत्याशियों की तो कांग्रेश ने इस वार्ड के निवासी को मैदान में उतारा है पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देशानुसार वार्ड के निवासी को ही कांग्रेस का पार्षद प्रत्याशी घोषित करना था। कांग्रेस ने भाजपा को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। सबसे महत्पूर्ण बात यही रही की पूरे 15 वार्डो में भाजपा के बागी प्रत्याशी ही अपनों के विरुद्ध ताल ठोक रहे है। यहां भाजपा का मुकाबला खुद भाजपा से है। सत्ता संगठन के पास मौन धारण करने के आलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। एक भाजपा समर्पित प्रत्याशी ने तो सभी 15 वार्डो में अपने समर्थक प्रत्याशी निर्दलीय उतार दिए है। सभी प्रत्याशी को 50 हजार रूपए की आर्थिक मदद भी की जा रही है। बात कर लेते है प्रत्याशियों की तो वार्ड न 13 से कांग्रेस ने डॉ अभिषेक शुक्ला को मैदान में उतारा है। इसी वार्ड के निवासी है। वार्ड की समस्याओं से भली-भांति परिचित है,शिक्षित है। साथ ही अधिवक्ता है परिवार के अन्य सदस्य शासकीय स्वास्थ सेवा में कार्यरत हैं। 2 भाजपा ने दीपक जैन को अपना प्रत्याशी बनाया है। इनका मुख्य व्यवसाय चाय नाश्ते की होटल है। ये पूर्व में चुनाव लड़ चुके हैं और सफलता नहीं मिली। 3 अमित पाण्डे,बड्डन महाराज यह वार्ड न 10 के निवासी है निर्दलीय के रूप में भाजपा प्रत्याशी को चुनौती दे रहे। 4 अनुज प्रदीप दुबे वार्ड न 10 के निवासी साथ ही शिक्षित है। ऑटो पार्ट की दुकान संचालित करते है। खास बात इनकी मां पूर्व में इस वार्ड की पार्षद रह चुकी है। 5 अनुज कुमार दुबे उर्फ शुभम वार्ड न 10 के निवासी शिक्षा पांचवी के आस पास होगी यह भी इस वार्ड से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। 6 चंद्रशेखर गुप्ता उर्फ पप्पू गुप्ता वार्ड न 10 के निवासी है साथ ही इसी वार्ड के पूर्व पार्षद भी है। शिक्षित है। इनको वार्ड में व्याप्त समस्याओं का सामना एवं मतदाता के तीखे सवालों से भी रूबरू होना पड़ सकता है। 7 कांत नेमा उर्फ मोंटी वार्ड न 11 के निवासी है यह कहना जरूरी होगा यह शिक्षित नहीं है इनका मुख्य व्यवसाय मिठाई चाय नाश्ता की दुकान है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में मात्र स्वयंसेवक हैं। इस वार्ड से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। 8 मनीष नेमा यह भी इस वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। बीजेपी और संघ के कार्यकर्त्ता है मिठाई टेंट का व्यवसाय है। 9 जाकिर खान भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता शिक्षा पांचवी तक मुस्लिम वोटों के सहारे इस वार्ड से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। चूंकि इस वार्ड में बुद्धिजीवी वर्ग के साथ ही शिक्षित व्यापारी वर्ग भी निवास करता है। सभी को भली भांति ज्ञात है की नगरीय निकायों के चुनाव व्यक्तिगत होते हैं। प्रत्याशी के आचरण,साफ स्वच्छ छवि एवं शिक्षित व्यक्ति को ही एक पार्षद के रुपए देखना चाहते है। जो उनकी मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क पानी नाली साफ सफाई व्यवस्था जैसे छोटे छोटे कार्य को करा सके वार्ड न 13 की जनता इस बार युवा शिक्षित व्यक्ति को ही मौका देगी ऐसा बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है। अगले अंक में फिर नए वार्ड की जानकारी के साथ रूबरू होगे आपके साथ




