संस्कारधानी को दिलाएंगे रक्षा राजधानी की पहचानः तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण। जनसम्पर्क के छटवे दिन पश्चिम क्षेत्र से काँग्रेस विधायक पूर्व वित्त मंत्री श्री तरुण भनोत के द्वारा गुप्तेश्वर वार्ड अंतर्गत नागपाल गार्डन के सामने, मदन महल गुरुद्वारे के सामने से कालीबाड़ी होते हुए कृपाल चौक तक वृहद जनसम्पर्क किया, इस दौरान क्षेत्रवासियों से मुलाकात की और युवाओं से संवाद कर जनसमर्थन के लिए अपील किया |
जनसंपर्क के दौरान श्री भनोत ने लोगों से हुए संवाद में बताया कि जबलपुर जहां रक्षा मंत्रालय से जुड़ी पांच बड़ी उत्पादन इकाइयों के अलावा भारतीय सेना से जुड़े महत्वपूर्ण मुख्यालयों के कारण जबलपुर देश में ही नही बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी एक अलग पहचान रखता है । केंद्र की भाजपा सरकार के द्वारा रक्षा निर्माणियों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के नाम पर पूरी व्यवस्था को बदलते हुए जबलपुर के पांच सहित देश भर की 47 आयुद्ध रक्षा निर्माणियों का निजीकरण कर दिया गया और वर्तमान में इन रक्षा निर्माणियों में नई भर्तियां शून्य के बराबर है । भाजपा सरकार के इस निर्णय के बाद इन निर्माणियों में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया गया ।
श्री भनोत ने बताया कि कि 8 से 10 अक्टूबर 2014 के मध्य इंदौर में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में जबलपुर को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बनाने के प्रस्ताव की घोषणा की थी । प्रधानमंत्री के इस घोषणा के 9 साल बाद भी प्रदेश भाजपा सरकार का जबलपुर से भेदभावपूर्ण रवैया और स्थानीय सांसद की निष्क्रियता के कारण इस दिशा में कोई सार्थक प्रयास नही किया गया ।
श्री भनोत ने बताया कि जबलपुर को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाना जबलपुरवासियों का हक और अधिकार है । वर्तमान में स्थानीय रक्षा निर्माणी सहायक उपकरणों और एंसिलरीज के लिए दूसरे राज्यों में लगे स्टार्ट्स-अप और कंपनियों पर निर्भर है, जबकि जबलपुर में सहायक उपकरणों और एंसिलरी मैन्युफैक्चरिंग की आपार संभावनाएं है । कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर निश्चित रूप से सरकार के स्तर पर ऐसे स्टार्ट-अप्स और डिफेंस सेक्टर्स में कार्य कर रहे निवेशकों और कंपनियों को बेहतर औधोगिक वातावरण और सुरक्षा देने का काम किया जायेगा । डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के रूप में जबलपुर को विकसित करने से जहां एक तरफ डिफेंस फैक्ट्रीज को सहायक उपकरणों की निर्भरता को स्थानीय स्तर पर पूरा किया जा सकेगा साथ ही अप्रेंटिस और अन्य तकनीकी कौशल वाले नौजवानों को बड़ी संख्या में स्थानीय स्तर पर बेहतर रोजगार भी मुहैया कराया जा सकता है ।
जनसम्पर्क के दौरान देवीन्द्र सिंह लाली, बिट्टू शर्मा, जसल पासी, पुराण, क्षितिज भाटिया, मोनू सचदेवा, नवीन बागरी, गोल्डी, देवेश पंडित एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे |



